Uttar Pradesh: उन्नाव क्षेत्र में खेले जा रहे एक अंडर-13 क्रिकेट मैच के दौरान अचानक मधुमक्खियों के बड़े झुंड ने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों, अंपायरों और स्टाफ पर हमला कर दिया। मैच चल ही रहा था कि देखते ही देखते मधुमक्खियां पूरे ग्राउंड में फैल गईं। कुछ ही पलों में स्थिति बेकाबू हो गई और मैदान पर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले की शुरुआत इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।हमले में एक अंपायर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने के लिए साथी खिलाड़ी और स्टाफ तुरंत आगे आए और निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
कई खिलाड़ी भी हुए घायल
मधुमक्खियों के हमले में कई खिलाड़ी और ग्राउंड स्टाफ भी घायल हुए। कुछ को हल्की चोटें आईं, जबकि कुछ को ज्यादा डंक लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। राहत की बात यह रही कि बाकी सभी की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।हमले के दौरान मैदान में मौजूद लोगों के बीच लगभग 10 से 15 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Uttar Pradesh: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मैदान के पास एक पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता होने की संभावना जताई जा रही है। मैच खत्म होने के बाद कुछ लोग मैदान के किनारे बैठे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड नीचे आ गया और हमला शुरू कर दिया।कुछ लोगों ने बचने के लिए जमीन पर लेटने की कोशिश की, तो कुछ लोग मैदान से बाहर भागे। इस दौरान कई लोग गिर भी पड़े, जिससे उन्हें ज्यादा डंक लगे।
Uttar Pradesh: तीन बार हुआ हमला, बढ़ी दहशत
बताया जा रहा है कि मधुमक्खियों का हमला एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ। सुबह से ही मधुमक्खियां मैदान के आसपास मंडरा रही थीं। पहले भी हल्का हमला हुआ था, लेकिन दोपहर में झुंड ने अचानक बड़े पैमाने पर हमला कर दिया।इस वजह से मैदान में मौजूद खिलाड़ियों, अंपायरों और दर्शकों के बीच भारी दहशत फैल गई।
लंबे समय से क्रिकेट से जुड़े थे अंपायर
मृतक अंपायर कई वर्षों से स्थानीय क्रिकेट से जुड़े हुए थे और विभिन्न टूर्नामेंट में अंपायरिंग करते आ रहे थे। खेल जगत में उनकी पहचान एक अनुभवी और शांत स्वभाव के अंपायर के रूप में थी।उनके निधन से क्रिकेट संघ और स्थानीय खिलाड़ियों में गहरा शोक है। संघ के पदाधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
Uttar Pradesh: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद खेल मैदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान के आसपास पेड़ों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों की पहले से जांच होनी चाहिए थी।खेल आयोजकों और प्रशासन से मांग की जा रही है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों से पहले मैदान और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया जाए, ताकि खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।जांच और सतर्कता की जरूरत फिलहाल घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मधुमक्खियों के छत्तों के पास तेज आवाज, कंपन या छेड़छाड़ से झुंड आक्रामक हो सकता है।ऐसे में खुले मैदानों में मैच या कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सुरक्षा उपायों और निरीक्षण को और मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
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