Uttar pradesh: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। थाना सैंया क्षेत्र के विरहू गांव में शराब के ठेके को लेकर लंबे समय से सुलग रहा गुस्सा उस वक्त ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा, जब गांव की महिलाएं घूंघट में एकजुट होकर सड़कों पर उतर आईं। यह सिर्फ विरोध नहीं था, बल्कि गांव की इज्जत, शांति और सुरक्षा की लड़ाई थी।
Uttar pradesh: घूंघट में छिपा आक्रोश, एकजुटता ने बदली तस्वीर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दर्जनों महिलाएं अचानक एक साथ शराब के ठेके पर पहुंचीं। उनके चेहरे भले ही घूंघट में ढके थे, लेकिन उनके इरादे पूरी तरह साफ और मजबूत थे। ठेके पर पहुंचते ही महिलाओं ने जोरदार विरोध शुरू किया और देखते ही देखते ठेके के अंदर घुस गईं। शराब की बोतलें बाहर फेंकी गईं, सामान उलट-पुलट कर दिया गया और ठेके में जमकर तोड़फोड़ हुई। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग हैरानी से यह नजारा देखने लगे।
Uttar pradesh: शराब ठेके ने बिगाड़ दिया था गांव का माहौल
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि शराब का ठेका गांव के लिए सिरदर्द बन चुका था। ठेके के सामने दिनभर शराबियों की भीड़ लगी रहती थी, जिससे गाली-गलौज, शोर-शराबा और झगड़े आम बात हो गई थी। गांव की गलियों से गुजरना महिलाओं के लिए मुश्किल हो गया था। स्कूल जाने वाले बच्चों पर इसका गलत असर पड़ रहा था और शाम ढलते ही गांव में डर का माहौल बन जाता था। कई बार शराबियों की अभद्र हरकतों ने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई, लेकिन हर बार सहन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता था।महिलाओं ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की। गांव की शांति और सुरक्षा को लेकर गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। जब हालात जस के तस बने रहे और शराबियों के हौसले और बढ़ने लगे, तब महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। आखिरकार उन्होंने तय किया कि अगर कोई सुनने वाला नहीं है, तो वे खुद अपनी आवाज बुलंद करेंगी।महिलाओं का कहना है कि वे अब और अपमान, डर और अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं करेंगी। उनका साफ कहना है कि शराब ठेके की वजह से गांव की सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। इसी कारण उन्होंने खुद आगे बढ़कर विरोध करने का फैसला लिया, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस जहरीले माहौल से बचाया जा सके।
घटना से फैला तनाव, पुलिस ने संभाली कमान
घटना की जानकारी मिलते ही थाना सैंया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए महिलाओं से बातचीत की और माहौल को शांत कराया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने। फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन तनाव की लकीरें अब भी साफ देखी जा सकती हैं।यह घटना सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि प्रशासन के लिए एक बड़ा संकेत है। अगर समय रहते लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो जनआक्रोश इसी तरह सड़कों पर फूट सकता है। सवाल यह उठता है कि क्या पहले कार्रवाई होती तो हालात यहां तक पहुंचते? क्या गांवों में शराब ठेकों की मनमानी पर कोई सख्त नीति है?
Uttar pradesh: अब टिकी हैं सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर
अब पूरा गांव और आसपास का इलाका प्रशासन की ओर देख रहा है। यह देखना अहम होगा कि क्या शराब ठेके को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाता है, क्या गांव की शांति और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। फिलहाल विरहू गांव की महिलाएं अपने साहस, एकजुटता और हिम्मत के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी हैं और समाज के लिए एक मजबूत संदेश दे चुकी हैं।
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