Uttarakhand: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घंटाघर क्षेत्र के पास सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को देर रात ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था मजार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मजार को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था। नियमानुसार निर्माण को हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था और अतिक्रमण हटाने हेतु निर्धारित समय भी दिया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो गुरुवार देर रात बुलडोजर की कार्रवाई की गई।
Uttarakhand: अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि घंटाघर क्षेत्र देहरादून का अत्यंत संवेदनशील और व्यस्त इलाका है, जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। इसी कारण किसी भी तरह की अव्यवस्था और आम जनता को होने वाली परेशानी से बचने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रात के समय की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस, प्रशासन और एमडीडीए के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन के मुताबिक, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह शहर की विकास योजनाओं, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एमडीडीए के अधिकारियों ने बताया कि इस मजार को लेकर पूर्व में कई स्तर पर जांच की गई थी। उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित निर्माण पूरी तरह सरकारी भूमि पर किया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाएं और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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