Uttrakhand News: 26 जनवरी को उत्तराखंड के कोटद्वार शहर में घटित एक घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पटेल मार्ग पर स्थित करीब 30 साल पुरानी दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ पर कुछ संगठनों के कार्यकर्ता नाम बदलने का दबाव बनाने पहुंचे थे। इसी दौरान एक आम नागरिक ने जो किया, वह आज इंसानियत की मिसाल बन गया।
Uttrakhand News: तनाव के बीच सामने आए दीपक कुमार
घटना के वक्त दुकान पर मौजूद 65 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद मानसिक रूप से असहज स्थिति में थे। लगातार दबाव और बहस के बीच माहौल बिगड़ने लगा। तभी वहां से गुजर रहे जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने स्थिति को समझा और बिना किसी डर के बुजुर्ग दुकानदार के समर्थन में खड़े हो गए।दीपक के विरोध करने पर उनसे नाम पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।बस, यही पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और दीपक रातों‑रात इंसानियत के प्रतीक बन गए।
धर्म से बड़ा इंसान होना है
दीपक कुमार का कहना है कि उन्होंने कोई राजनीति नहीं की, सिर्फ एक इंसान की मदद की।हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई से ऊपर इंसानियत है। जब किसी कमजोर पर ज़ोर-जबरदस्ती हो, तो चुप रहना गुनाह है।घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस ने मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार सभी धाराएं जमानती हैं और फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है।
Uttrakhand News: राष्ट्रीय बहस और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला अब सिर्फ कोटद्वार तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक इस पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दीपक की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें “भारत का हीरो” बताया और कहा कि दीपक संविधान और इंसानियत के पक्ष में खड़े हुए हैं।
दुकानदार का परिवार बोला – हम डरेंगे नहीं
दुकानदार के बेटे ने स्पष्ट कहा है कि दुकान का नाम नहीं बदला जाएगा और कोटद्वार में आपसी सौहार्द बना रहेगा।यह घटना सिर्फ एक दुकान या नाम की नहीं है, बल्कि उस सोच की है जो समाज को बांटने की कोशिश करती है और उस हिम्मत की, जो ऐसे वक्त में इंसान बनकर सामने आती है।दीपक कुमार ने यह साबित कर दिया कि हीरो बनने के लिए ताकत नहीं, इंसानियत चाहिए।
ये भी पढ़े: बलरामपुर में लव अफेयर की आड़ में युवक का जबरन खतना कर कराया धर्मांतरण







