ख़बर का असर

Home » नई दिल्ली » वंदे मातरम् देश को कभी का आजाद कर चुका, फिर आज बहस क्यों ?

वंदे मातरम् देश को कभी का आजाद कर चुका, फिर आज बहस क्यों ?

priyanka-gandhi-pm-modi

Vande Mataram Debate: कांग्रेस ने वंदे मातरम् के किए टुकड़े-टुकड़े प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अपने भाषण में जोर देकर पूरी कांग्रेस को आजादी के संघर्ष से लेकर अब तक की पोल पट्टी खोलने की पूरी कोशिश की, कहा- कांग्रेस बंदे मातरम् के विभाजन पर झुकी, इसलिए देश के बंटवारे पर भी झुकना पड़ा। वंदेमातरम् के विरोध में आई मुस्लिम लीग, तो नेहरू को डोलता दिखा अपना सिंहासन।

मुस्लिम लीग के आगे के आगे टेके थे घुटने, तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का था तरीका। आज भी जिनके साथ जुड़ा कांग्रेस का नाम, वे खड़ा करते हैं वंदे मातरम् पर विवाद जो वंदेमातरम 1905 में महात्मा गांधी को राष्टगान में दिखता था, देश के हर कोने में हर व्यक्ति के जीवन में, जो भी देश के जीता जागता था, उन सबके लिए वंदेमातरम् की ताकत बहुत बड़ी थी। वंदेमातरम्, जिसकी भावना इतनी महान थी, फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ ? वह कौन-सी ताकत थी, जिसकी इच्छा खुद पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ गई? जिसने वंदे मातरम्-जैसी पवित्र भावनाओं को भी विवादों में घसीट दिया। साथ ही आपातकाल की भी दिलाई याद।

आगे कहा- वंदे मातरम् को जब 50 वर्ष के हुए, तब देश गुलामी में जीने को मजबूर था, और जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम् ने देश की आजादी को उूर्जा दी थी, अब उसके 100 वर्ष हुए, तो दुर्भाग्य से एक काला कालखंड हमारे इतिहास में उजागर हो गया। उन्होंने इसकी तुलना संविधान के 75 वर्ष और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौजूदा जश्न से की।

प्रधानमंत्री के सारे तथ्यों की काट में कांग्रेस की ओर से श्रीमती प्रियंका गांधी वडरा ने लोकसभा में रोचक बयान दिये, जो संक्षिप्त में इस तरह से हैं- प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा- वंदे मातरम् देश की आत्मा का महामंत्र, सरकार इसे विवादित करने का कर रही बड़ा पाप! व्ंदे मातरम् देशवासियों के दिल ही नहीं, कण-कण में जीवित है। इस पर बहस नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री ने बंगाल के चुनाव के मद्दे नजर इसे चुना है। वंदे मातरम् की कुछ पंक्तियां हटाने के आरोपों का जवाब देते हुए प्रियंका ने कहा-पीएम मोदी ने सदन में 20 अक्टूबर 1937 को जवाहर लाल नेहरू के लिखे पत्र का एक अंश पढ़ा, पर बाकी हिस्से छोड़ दिए, जिसमें बताया गया था कि सांप्रदायिक तत्वों की ओर से कुछ हिस्से को लेकर विवाद किया जा रहा था। मोदी ने 17 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की ओर से नेहरू को लिखे पत्र का जिक्र नहीं किया, जो तब कोलकाता में कांग्रेस अधिवेशन आयोजित कर रहे थे।

तब समय से पूर्व कोलकाता पहुंचकर नेहरू ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर से चर्चा की, इसके अगले दिन गुरुदेव ने नेहरू को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ वंदे मातरम् की पहली दो पंक्तियों का अर्थ इतना गहरा और व्यापक है कि बाकी अन्य दो पंक्तियों से अलग करने में कोई कठिनाई नहीं है,’’ गुरुदेव ने कहा, ‘‘बाद में जोड़े गए अंतरों के सांप्रदायिक मायने निकाले जा सकते हैं और उस समय के माहौल में उनका प्रयोग अनुचित होगा।’’ प्रियंका ने कहा, इसके बाद 28 अक्टूबर, 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर वंदेमातरम् को राष्टगीत घोषित किया और इस बैठक में महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, आचार्य नरेंद्रदेव और रवींद्रनाथ टैगार सभी मौजूद और सहमत थे। देश की आजादी के बाद संविधान सभा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वंदे मातरम् को राष्टगीत घोषित किया, तब लगभग इन्हीं महापुरुषों बाबा साहब अंबेडकर के साथ ही वर्तमान सत्तापक्ष के नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी मौजूद थे। तब किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई।

प्रियंका ने कहा,‘‘ वंदे मातरम्, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया, उसके स्वरूप पर सवाल उठाना उन महापुरुषों का अपमान करना है, जिन्होंने अपने महान विवेक से निर्णय लिया। यह संविधान विरोधी मंशा को भी जाहिर करता है।’’ संसद में दो सांसदों सदन के नेता प्रधानमंत्री और नई चुनी सांसद प्रियंका गांधी के भाषण का विश्लेषण करें तो तथ्यों पर आधारित स्पीच वंदे मातरम् गान की तत्कालीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विवेक का आधार था, जो समय के अनुकूल देश के स्वतंत्रता आंदोलन को मोड़ना चाहते थे।

वैसे भी आज यदि किसी भी देश के आम आदमी से 52 सेंकड के राष्टगान को कंठस्थ गाने को कहें, तो शायद ही सही-सही कोई पूरा गा सके। तब लंबे गाने को कैसे कोई कंठस्थ रख सकता है, इसमें संदेह है।

ये भी पढ़े… वंदे मातरम् देश को कभी का आजाद कर चुका, फिर आज बहस क्यों ?

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल