Vande Mataram News: सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इसे गाना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश केवल एक प्रोटोकॉल हैं और इनके पालन के लिए किसी तरह की बाध्यता नहीं है।
तीन जजों की बेंच में सुनवाई
यह मामला CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने आया। बेंच ने कहा कि याचिका समय से पहले दायर की गई है, क्योंकि अभी तक किसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
Vande Mataram News: सर्कुलर में सजा का प्रावधान नहीं
कोर्ट ने साफ किया कि गृह मंत्रालय की एडवाइजरी में ‘वंदे मातरम’ न गाने पर किसी भी प्रकार की सजा का प्रावधान नहीं है। इसलिए इसे बाध्यकारी मानना सही नहीं है।
याचिकाकर्ता की दलील
याचिकाकर्ता मुहम्मद सईद नूरी ने अदालत में कहा कि सलाह देने के नाम पर लोगों को ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि जो लोग गाने से इनकार करेंगे, उन पर दबाव बनाया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह केवल एक आशंका है और जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
Vande Mataram News: कोर्ट की टिप्पणी
बेंच ने कहा कि अगर भविष्य में किसी व्यक्ति को ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए मजबूर किया जाता है या उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। फिलहाल यह मामला ‘अस्पष्ट आशंका’ पर आधारित है।

कब जारी हुए थे निर्देश
गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाने की बात कही गई थी। निर्देश में यह भी कहा गया था कि अगर ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों गाए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ होगा। साथ ही इसे सावधान मुद्रा में खड़े होकर सुनने या गाने की सलाह दी गई थी।
Vande Mataram News: पूरे गीत का प्रावधान
नए दिशा-निर्देशों के तहत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे गाने की बात कही गई थी, जिसकी कुल अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड है। इससे पहले आमतौर पर केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि ‘वंदे मातरम’ गाना अभी अनिवार्य नहीं है और यह केवल एक औपचारिक प्रोटोकॉल है। हालांकि, भविष्य में यदि इसको लेकर कोई विवाद या कार्रवाई होती है, तो अदालत इस पर विस्तृत सुनवाई कर सकती है।
ये भी पढ़े… सीएम ने दी दतिया में 62 करोड़ की सौगात! किसानों के लिए बड़ी घोषणाओं से बदलेगी तस्वीर







