Vastu Main Door: सनातन संस्कृति में वास्तु का बहुत महत्व है। किसी भी प्रकार के कार्य में वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है, चाहे घर बनाना हो या घर में किसी वस्तु को रखना हो। हर चीज़ वास्तु के अनुसार की जाती है। मान्यताओं के मुताबिक, जिस घर में वास्तु का ध्यान नहीं रखा जाता, वहां नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों के जीवन में दुख और परेशानी आती है। इसके साथ ही, यदि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाना है, तो घर के मुख्य द्वार का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

Vastu Main Door: उत्तर और पूर्व दिशा लाभ
घर में किसी भी चीज़ का प्रवेश मुख्य द्वार से ही होता है। इसीलिए इसका सही दिशा में होना अनिवार्य है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ मानसिक शांति भी बनी रहती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान दें कि मुख्य द्वार हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को हिंदू धर्म में धन के देवता कुबेर के स्थान के रूप में देखा जाता है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से आपके घर में धन का प्रभाव हमेशा बना रहता है।

यदि किसी कारणवश उत्तर दिशा में द्वार नहीं बनाया जा सकता, तो पूर्व दिशा भी एक अच्छा विकल्प है। पूर्व दिशा को सूर्य देव की दिशा माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, जिसके घर का मुख्य द्वार इस दिशा में होता है, उसे मान-सम्मान प्राप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। इसके साथ ही, यदि आप अपने घर और परिवार में सुख-शांति चाहते हैं, तो मुख्य द्वार को ईशान कोण में बनवाना चाहिए।
साफ-सफाई और पौधे जरूरी
वास्तु शास्त्र में अगली महत्वपूर्ण बात यह है कि घर का मुख्य द्वार हमेशा घर के अंदर की ओर खुलना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। साथ ही, घर के बाकी दरवाजों के मुकाबले मुख्य द्वार बड़ा होना चाहिए।

अपने घर के सामने और मुख्य द्वार के पास हमेशा साफ-सफाई रखें। इसका खास ध्यान रखें कि वहां किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। यदि मुख्य द्वार के पास सफाई नहीं रहती, तो मां लक्ष्मी घर में प्रवेश नहीं करती हैं और अलक्ष्मी का आगमन होता है। घर से नकारात्मकता को दूर करने के लिए मुख्य द्वार के आसपास पौधे लगाने चाहिए।







