women’s shelter: गणतंत्र दिवस के शोर-शराबे और थकान भरे दिन के बाद मथुरा के महिला आश्रय सदन में सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन रात करीब 10 बजे पांच नाबालिग लड़कियां ऐसी साजिश को अंजाम दे चुकी थीं, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों को चौंका दिया। दुपट्टे और कंबल को जोड़कर बनाई गई रस्सी के सहारे लड़कियां 35 फीट ऊंची दीवार से नीचे उतर गईं।
गणतंत्र दिवस को चुना, जब निगरानी ढीली थी
26 जनवरी को पूरा स्टाफ दिनभर के कार्यक्रमों में व्यस्त और थका हुआ था। इसी मौके को लड़कियों ने भागने के लिए चुना। रात में कमरों से निकलकर वे सीढ़ियों के गेट तक पहुंचीं, जिसकी चाबी पहले ही चुरा ली गई थी।
women’s shelter: चाबी चोरी से छत तक का रास्ता
आगरा और दिल्ली की दो लड़कियां पहले से ही भागने की योजना बना चुकी थीं। स्टाफ की मदद करने के बहाने उन्होंने सीढ़ियों के गेट की चाबी चुरा ली। कुछ दिनों तक इंतजार किया और फिर सही मौके पर प्लान को अंजाम दिया।
2–5 लड़कियां छत से कूदीं, रस्सी टूटी, एक घायल
भागने की जानकारी तीन और लड़कियों तक पहुंच गई, जो अलग-अलग पॉक्सो मामलों में आश्रय सदन में रह रही थीं। धीरे-धीरे फरार होने वालों की संख्या पांच हो गई। छत पर पहुंचकर लड़कियों ने दुपट्टे और कंबल को बांधकर रस्सी बनाई और पानी की टंकी के पाइप से बांध दिया। रस्सी छोटी पड़ने पर उन्हें करीब 15 फीट नीचे कूदना पड़ा। इस दौरान दिल्ली की लड़की के पैर में गंभीर चोट आई।
women’s shelter: बॉयफ्रेंड को कॉल, खुद पुलिस तक पहुंची लोकेशन
भागने के बाद दो लड़कियां एक लॉन्ज तक पहुंचीं और वहां से अपने-अपने बॉयफ्रेंड को फोन किया। आगरा की लड़की का बॉयफ्रेंड पहले से रेप केस में जमानत पर था। घबराकर उसने वकील के जरिए खुद पुलिस को लड़की की लोकेशन दे दी। दिल्ली की लड़की अपने बॉयफ्रेंड के साथ रेलवे स्टेशन से नोएडा भागी, लेकिन CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों को ट्रेस कर लिया।
“तीन लड़कियां घर पहुंचीं, CCTV में दिखीं, अंधेरे रास्ते में”
बाकी तीनों लड़कियां सीधे अपने-अपने घर पहुंच गईं। पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध और असुरक्षा के चलते उन्होंने घर लौटने का रास्ता चुना, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया।आश्रय सदन के CCTV में लड़कियां लॉबी तक नजर आईं, लेकिन जिस जगह से वे कूदीं, वहां कैमरा नहीं था। यही वजह रही कि शुरुआती जांच में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
women’s shelter: 24 घंटे में सभी बरामद, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पुलिस ने दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, महावन और नोएडा से चार लड़कियों को पकड़ा, जबकि एक लड़की 28 जनवरी को नोहझील स्थित अपने घर से मिली। सभी को वापस महिला आश्रय सदन भेज दिया गया है। यह घटना न सिर्फ आश्रय सदनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि नाबालिग लड़कियां किन परिस्थितियों और मानसिक दबावों से गुजर रही हैं, जहां ‘आजादी’ उन्हें 35 फीट ऊंची दीवार कूदने पर मजबूर कर देती है।
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