World police: दुनिया की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी INTERPOL ने बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ एक साल लंबे अभियान ऑपरेशन एक्लिप्स में बड़ी सफलता हासिल की है। फरवरी 2025 से जनवरी 2026 तक चलने वाले इस अभियान में कुल 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 65 पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाया गया। इस ऑपरेशन में मध्य अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के 9 देशों की पुलिस एजेंसियां शामिल थीं।
बच्चों की सुरक्षा और सहायता
जांच में सामने आया कि अधिकांश पीड़ित बच्चों की उम्र 5 से 13 साल के बीच थी, और लगभग 80% लड़कियां थीं। अधिकारियों ने कहा कि लड़के भी ऐसे अपराधों का शिकार हो सकते हैं, इसलिए सुरक्षा और रोकथाम की रणनीतियों में दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है। बच्चों को बचाने के बाद संबंधित देशों की एजेंसियों ने उन्हें सुरक्षा, काउंसलिंग और अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
World police: आरोपियों का विभिन्न प्रकार का संबंध
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों का बच्चों से अलग-अलग तरह का संबंध था। कुछ आरोपी परिवार के सदस्य, दोस्त, पड़ोसी या शिक्षक थे, जबकि कई ऑनलाइन शिकारी और विदेश से आए अपराधी भी शामिल थे। इससे यह साफ हो गया कि इस तरह के अपराधियों की कोई तय पहचान नहीं होती।
World police: अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रमुख केस
ऑपरेशन में बेलीज, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, एल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, मेक्सिको, निकारागुआ और पनामा की पुलिस एजेंसियों ने हिस्सा लिया। साथ ही United Nations Office on Drugs and Crime और Child Rescue Coalition ने भी सहयोग किया। INTERPOL ने तकनीकी सहायता और खुफिया जानकारी साझा कर जांच को समन्वित किया। पनामा में इस ऑपरेशन के दौरान करीब 10 साल पुराना अनसुलझा मामला सुलझाया गया। वहीं, डोमिनिकन रिपब्लिक में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर 10 और 13 साल के बच्चों के साथ यौन शोषण और वीडियो बनाने का आरोप था। हैरानी की बात यह रही कि आरोपियों में बच्चों की मां भी शामिल थी। कोस्टा रिका में एक आरोपी ने पहले इंटरनेट पर खुद को सेलिब्रिटी के रूप में पेश किया, फिर नाबालिग को ब्लैकमेल और धमकियों के जरिए नियंत्रित किया। INTERPOL के Cyril Gout ने बताया कि पुराने मामलों की जांच सिर्फ न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के अपराध रोकने के लिए भी जरूरी है।
नोटिस और आगे की कार्रवाई
World police: ऑपरेशन के दौरान देशों को 57 इंटरपोल नोटिस (रेड नोटिस और ब्लू नोटिस) की पुनः जांच करने को कहा गया। अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश और प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी है।
ये भी पढ़ें: अदाणी ग्रुप बना वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 का ऑफिशियल पार्टनर, भारत के लिए बड़ी उपलब्धि






