Yadav Controversy: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नियुक्तियों में सिर्फ यादव समुदाय को प्राथमिकता दी जाती थी, जबकि अन्य वर्गों के साथ भेदभाव होता था।
राम को समाजवादी बताने पर पलटवार
राजभर ने सपा सांसद वीरेंद्र सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भगवान राम को समाजवादी विचारधारा का बताया था। राजभर ने कहा कि यह बयान भगवान राम से अधिक अखिलेश यादव को खुश करने के लिए दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान राम के बारे में दुनिया पहले से जानती है, ऐसे में नई बात क्या कही जा रही है।
Yadav Controversy: नियुक्तियों में भेदभाव का आरोप
ओपी राजभर ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब पार्टी की नीति यादव-केंद्रित थी। वोट सभी समुदायों से लिए जाते थे, लेकिन नियुक्तियों में वास्तविकता अलग थी। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, लेखपाल और ग्राम सेवक जैसी भर्तियों में यादवों को प्राथमिकता दी जाती थी, जो सपा की कार्यशैली को दर्शाता है।
एनडीए और पीडीए मॉडल की तुलना
राजभर ने एनडीए और पीडीए की तुलना करते हुए कहा कि सपा का पीडीए मॉडल दरअसल “फैमिली डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए गठबंधन में ऐसे नेता हैं, जो जनता के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं, जबकि विपक्ष के पास केवल फॉलोअर्स हैं, नेता नहीं। राजभर ने विकसित भारत-जी राम जी बिल के तहत मनरेगा में प्रस्तावित सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि अब 100 दिन के रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। मजदूरी सात दिनों के भीतर देने की गारंटी होगी, देरी होने पर ब्याज मिलेगा और 15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।







