Yogi News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जहां महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर गंभीरता से अपनी बात रखी, वहीं अपने खास अंदाज में हास्य का तड़का भी लगाया। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने गोरखपुर से सांसद रवि किशन को लेकर ऐसा मजाक किया कि पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में महिला वर्कफोर्स में बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 प्रतिशत से भी कम थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
रवि किशन की सीट पर महिला दावेदार
इसी संदर्भ में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगले चुनाव में रवि किशन की सीट पर भी कोई महिला दावेदार हो सकती है। इतना सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े। सीएम ने मुस्कुराते हुए रवि किशन की ओर देखते हुए कहा कि देखिए, लोग चाहते हैं कि आपसे छुट्टी मिल जाए। हालांकि उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण लागू होने के बावजूद उनकी सीट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें बनाई जाएंगी।
Yogi News: 144 बेड के गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयमें 144 बेड वाले आधुनिक बालिका छात्रावास का शिलान्यास किया। यह छात्रावास भारतीय विद्युत ग्रिड निगम के सीएसआर फंड से बनाया जाएगा। चार मंजिला इस हॉस्टल में कुल 48 कमरे होंगे, जिनमें प्रत्येक में तीन छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। लगभग 13.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छात्रावास में मेस, डाइनिंग हॉल, इंडोर गेम्स, बैडमिंटन और टेबल टेनिस हॉल, संगीत कक्ष, डिजिटल लाइब्रेरी और जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही सीएम योगी ने विश्वविद्यालय में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन किया और रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसी फिरकी ली है कि #गोरखपुर सांसद @ravikishann को आज नींद नहीं आएगी…
करेजा के धुकधुकी बढ़ गईल रवि किशन के
“मोटा भाई से हाथ गोड़ जोड़ना भी कौनो काम का नहीं रहा, धोतियो पहन लिए मगर ….😰 pic.twitter.com/B042DtLCWS
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) March 25, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का पैमाना उसकी महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन से तय होता है। उन्होंने कहा कि बेटी सुरक्षित हो, उसका सम्मान हो और वह बिना किसी भय के आगे बढ़ सके इसी सोच के साथ सरकार काम कर रही है। इस बीच सीएम ने ये बताया कि पहले कई परिवार बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर भेजने को मजबूर थे, लेकिन अब माहौल बदल चुका है। आज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल, बुंदेलखंड से महिलाएं न केवल शिक्षा बल्कि रोजगार के लिए भी शहरों की ओर बढ़ रही हैं।







