Startup India: साल 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया योजना ने भारत में बिजनेस शुरू करने का नजरिया बदल दिया है। 16 जनवरी 2026 को यह योजना अपने 10 साल पूरे कर रही है। दिसंबर 2025 तक देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप सरकार से मान्यता पा चुके हैं। इनमें से करीब आधे स्टार्टअप छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) से हैं। इससे साफ है कि अब सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों के युवा भी अपने सपनों को बिजनेस में बदल रहे हैं।

सिर्फ फंडिंग नहीं, पूरा सपोर्ट सिस्टम
स्टार्टअप इंडिया ने सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं की, बल्कि मेंटोरशिप, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच को भी आसान बनाया। सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया, जिससे नए बिजनेस आगे बढ़ सकें। इसका असर यह हुआ कि कई स्टार्टअप मजबूत बने और आगे चलकर शेयर बाजार में लिस्ट होने लगे। इससे आम लोगों को भी इन कंपनियों में निवेश करने का मौका मिला।
Startup India: स्टार्टअप आईपीओ का बढ़ता चलन
पिछले 10 सालों में कई बड़े आईपीओ आए हैं। एलआईसी का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा रहा, जबकि पेटीएम, जोमैटो और नायिका जैसे स्टार्टअप्स ने शेयर बाजार में अपनी पहचान बनाई। 2021 स्टार्टअप आईपीओ के लिए सबसे खास साल रहा। इसके बाद 2024-25 में स्विग्गी और ओला इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियां बाजार में आईं।

निवेशकों की सोच और आगे का भविष्य
अब निवेशक सिर्फ तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि मुनाफा कमाने वाली और मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आने वाले समय में फोनपे, फ्लिपकार्ट, जेप्टो और ओयो जैसे बड़े स्टार्टअप्स आईपीओ ला सकते हैं। कुल मिलाकर, स्टार्टअप इंडिया के 10 साल ने भारत को स्टार्टअप और निवेश की दुनिया में और मजबूत बना दिया है।
Written by- Palak kumari







