108 Hindu Significance: हिंदू संस्कृति में 108 नंबर का बहुत महत्व होता है। यह नंबर ईश्वर के नाम जप और गुरुमंत्र की माला में हमेशा इस्तेमाल किया जाता है। 108 संख्या को सनातन परंपरा में बहुत पवित्र माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार, 108 नंबर में जो 1 है, वह दरअसल परमपिता परमेश्वर के एक होने का, 0 निर्गुण निराकार ब्रह्म का और 8 संपूर्ण प्रकृति का प्रतीक माना जाता है।

भगवान शिव और 108 नाम
यह कोई आम नंबर नहीं है, बल्कि यह संख्या भगवान शिव से संबंधित है। जब बाबा महाकाल की पूजा की जाती है, तो उनके सभी गुणों का गान 108 नाम को लेकर किया जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, जब सृष्टि की रचना भी हुई थी, तब सबसे पहले भगवान शिव के 108 नाम ब्रह्मा जी द्वारा लिए गए थे, जिस समय भगवान भोलेनाथ ने बाल रूप में अवतार लिया था। बाल रूप में आने के बाद संकर भगवान रुदन करना शुरू कर दिया था। जिसके बाद उन्हें शांत करने के लिए ब्रह्मा जी द्वारा कई नाम लिए गए।
108 Hindu Significance: तांडव नृत्य और 108 मुद्राएँ
सनातन मान्यताओं के अनुसार, जब ब्रह्मा जी एक नाम लेते, शिव जी चुप हो जाते और ऐसा करते करते 108 नामों से संबोधित किया गया। यहीं से भोलेनाथ के 108 नाम बने। दूसरी तरह, 108 संख्या को तांडव नृत्य में की जाने वाली 108 मुद्राओं से भी संबंधित बताया गया है। यही नहीं, शिव जी की माला माने जाने वाली रुद्राक्ष माला में भी 108 दाने होते हैं।

ज्योतिष और 108 संख्या का रहस्य
इसी के साथ ज्योतिष की बात करें तो इसमें 108 संख्या को ग्रह, नक्षत्र और 12 राशियों से भी जोड़ा जाता है। अर्थात, 12 राशियों और 9 ग्रहों को अगर हम गुणा करते हैं तो कुल 108 अंक की संख्या ही बनती है। यही नहीं, जब हम 27 नक्षत्रों के साथ उनके 4 चरणों का गुणा करते हैं, तब भी 108 नंबर ही आता है।






