11 February Panchang: सनातन धर्म में पंचांग को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के पांच भाग होते हैं-तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। इन्हीं के आधार पर शुभ और अशुभ समय का पता लगाया जाता है। कोई भी नया काम शुरू करना हो, शादी-विवाह हो या पूजा-पाठ करना हो, सही मुहूर्त पंचांग देखकर ही तय किया जाता है।

तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति
दृक पंचांग के अनुसार, 11 फरवरी, बुधवार को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। अनुराधा नक्षत्र सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे।
सूर्योदय सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 8 मिनट पर होगा। 11 फरवरी को खास योग भी बन रहे हैं। सुबह 7 बजकर 3 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग एक साथ रहेंगे। यह संयोग बहुत ही शुभ माना जाता है। इस समय नए कार्य की शुरुआत, पूजा, हवन, दान या कोई भी मंगल कार्य करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
अन्य शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 6 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक होगा। इसके अलावा अमृत काल 12 फरवरी की सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
11 February Panchang: राहुकाल और अशुभ समय
शुभ समय के साथ-साथ अशुभ समय को जानना भी जरूरी है। व्याघात योग 12 फरवरी की रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य काल शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक होगा। गंड मूल सुबह 10 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक रहेगा। धर्म शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय में कोई भी महत्वपूर्ण काम करने से बचना चाहिए और पंचांग देखकर ही फैसला लेना सही माना जाता है।
राहुकाल दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किए गए शुभ कार्य सफल नहीं होते और अड़चनें आती हैं। अन्य अशुभ समय में यमगंड सुबह 8 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
बुधवार का धार्मिक महत्व
बुधवार का दिन गणेश जी और बुध ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से गणपति और बुध ग्रह की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही सुख, शांति और समृद्धि आती है और बुध ग्रह की अशांति भी शांत होती है।
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