UP News: उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है। चुनाव आयोग की यह प्रतिक्रिया अखिलेश के उन आरोपों के बाद आई है जो उन्होंने चुनाव आयोग पर चढ़ाई करने के लिए लगाए थे।
चुनाव आयोग ने दिया हिसाब
आयोग ने बताया कि सभी अधिकारियों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अगर कहीं गणना फॉर्म नहीं पहुंचे या शिकायत मिली है, तो उसे गंभीरता से लेकर तुरंत फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं। अब तक यूपी में 2 करोड़ से ज्यादा गणना फॉर्म जमा हो चुके हैं और उन्हें डिजिटाइज भी कर दिया गया है। साफ तौर पर देखा जा रहा है की अब चुनाव आयोग ने अखिलेश के उन तमाम दावों पर पानी फेर दिया है जो उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए थे।
UP News: जानिए अखिलेश ने क्या आरोप लगाए ?
दरअसल, शनिवार को अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो व्यवस्था बनाई है, उसके मुताबिक अगर काम नहीं होगा तो आपका फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा और वोट लिस्ट में आपका नाम भी नहीं आएगा। उनका कहना था कि एसडीएम और अन्य अधिकारी मान रहे हैं कि एसआईआर बिना तैयारी के हो रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को ट्रेनिंग मिली ही नहीं और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की ट्रेनिंग भी नहीं हुई।
UP News: आयोग के आकड़ों को बताया निराधार
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खुद के आंकड़े बता रहे हैं कि 99.48 प्रतिशत फॉर्म बांट दिए गए हैं, लेकिन असल में कई लोगों को फॉर्म नहीं मिले। बस कंप्यूटर पर डाल दिया कि फॉर्म बांट दिए गए। ये काम बीजेपी के इशारे पर हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा हमारे बीएलए तो गली-मोहल्लों में लोगों को जानते हैं, लेकिन बीएलओ किसी को जानते ही नहीं। बस एक जगह बैठकर फोन कर देते हैं कि फॉर्म आके ले लो।

भाजपा से मिलीभगत के आरोप भी शामिल
अखिलेश ने बीजेपी पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मुद्दों में वे हार गए हैं। महंगाई बढ़ा दी, पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया, बिजली का बिल बढ़ा दिया, दवाइयां नहीं हैं, इलाज नहीं है, मेडिकल कॉलेज नहीं चल रहे, सड़कें टूटी हैं, एम्बुलेंस बेकार कर दी, पुलिस भ्रष्ट हो गई। अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए एसआईआर में उलझाया जा रहा है।
यह भी पढे़ : Justice Suryakant CJI: CJI बीआर गवई रिटायर, सुप्रीम कोर्ट की कमान अब जस्टिस सूर्यकांत के हाथ







