ARMY NEWS: ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग 2025’ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर रणनीतिक स्वायत्तता, जिम्मेदारी और संतुलन का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक और ग्लोबल साउथ के देश भारत को न सिर्फ एक सैन्य शक्ति बल्कि भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार के रूप में देखते हैं। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में भारत शांति और संवाद को प्राथमिकता देता है, लेकिन संप्रभुता और सुरक्षा पर समझौता नहीं करता।
आधुनिक सैन्य क्षमता और सुधरता इंफ्रास्ट्रक्चर
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएँ क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सीमावर्ती इलाकों और समुद्री ढांचे को मजबूत कर रही है। सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए नई तकनीक, आधुनिक प्लेटफॉर्म और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया लागू की गई है। आतंकवाद, साइबर युद्ध, सीमापार उग्रवाद, समुद्री दबाव और इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर जैसे बदलते खतरों के बीच भारत अपने सुरक्षा ढांचे को तेज़ी से अद्यतन कर रहा है।
ARMY NEWS: आत्मनिर्भर रक्षा और नए टेक प्लेटफॉर्म लॉन्च
राजनाथ सिंह ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप, डीप-टेक और आरएंडडी पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने ‘एकम’ एआई आधारित स्वदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो सभी ओपन-सोर्स और स्वदेशी एआई मॉडल को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल है।
ARMY NEWS: खुफिया निर्णयों में एआई के उपयोग का करेगें
इसके साथ ही सैन्य जलवायु प्रबंधन प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया, जो भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन की सटीक भविष्यवाणी कर दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन को अलर्ट देगी। सैन्य नेताओं के लिए एआई हैंडबुक भी जारी की गई, जो कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन और खुफिया निर्णयों में एआई के उपयोग का मार्गदर्शन करेगी।
सीमाओं की रक्षा नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता का स्तंभ
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना आपदाओं में नागरिक प्रशासन की सहायता, समुद्री हितों की सुरक्षा, मित्र देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय शांति मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यह भारत की वैश्विक विश्वसनीयता को लगातार मजबूत कर रही है। सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है ताकि सुरक्षा ढांचा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
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