SONIA-RAHUL NEWS: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने संबंधी अपने फैसले को एक बार फिर स्थगित कर दिया है। अदालत अब 16 दिसंबर को आदेश सुनाएगी। यह देरी सिर्फ प्रक्रिया का हिस्सा नहीं मानी जा रही, बल्कि मामले से जुड़े जटिल वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की पुनः पड़ताल को इसकी वजह बताया जा रहा है।
कोर्ट ने क्यों मांगे थे स्पष्टीकरण?
7 नवंबर को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए ईडी से कई अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगे थे। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा था कि: वित्तीय लेन-देन का प्रवाह,कथित किराया रसीदें, यंग इंडियन और एजेएल से जुड़े दस्तावेज,50 लाख से किए गए अधिग्रहण की प्रक्रिया इन सबको “और गहराई से देखने की जरूरत” है।अदालत ने केस रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद कहा कि दस्तावेज़ों की श्रृंखला और फंड फ्लो का पूरा पैटर्न देखे बिना संज्ञान पर निर्णय नहीं लिया जा सकता।
SONIA-RAHUL NEWS: संपत्तियों पर गलत कब्जा
ईडी का आरोप है कि: एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों पर कब्जा हासिल करने की योजना बनाई गई। यह प्रक्रिया सिर्फ 50 लाख रुपए में बनी कंपनी यंग इंडियन के माध्यम से पूरी की गई। सोनिया गांधी और राहुल गांधी कंपनी में अधिक हिस्सेदारी रखते हैं। फर्जी अग्रिम किराया भुगतान और नकली किराया रसीदों का इस्तेमाल किया गया। यह सब संपत्तियों पर नियंत्रण पाने की “सुनियोजित योजना” थी। एजेंसी मामले को एक गंभीर आर्थिक अपराध बता रही है।
SONIA-RAHUL NEWS: ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’
कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि: ईडी की कार्रवाई राजनीतिक प्रेरित है। यंग इंडियन का गठन पूरी तरह कानूनी है। किसी भी नेता को निजी आर्थिक लाभ नहीं हुआ । ईडी ने वित्तीय ट्रांजैक्शन को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
अब कोर्ट ‘तकनीकी साक्ष्यों’ पर टिका निर्णय
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट में शिकायत देकर कहा था कि: एजेएल के अधिग्रहण में धोखाधड़ी हुई और कांग्रेस नेताओं ने भरोसे का उल्लंघन किया।अब अदालत कार्रवाइयों और कागजातों को तकनीकी दृष्टि से परखते हुए तय करेगी कि ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने लायक पर्याप्त सामग्री है या नहीं।
16 दिसंबर-अगला अहम मोड़
SONIA-RAHUL NEWS: अगली सुनवाई के दिन यह स्पष्ट होगा कि: क्या कोर्ट ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेगी? या दस्तावेज़ों की और जांच की जरूरत होगी? नेशनल हेराल्ड केस में 16 दिसंबर को एक बड़ा फैसला सामने आ सकता है।







