ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » Meerut News: हौसलों की सरहद पर पिता तैनात घर पर आई-कार्ड से हार गई जिंदगी मेरठ में BSF जवान के बेटे की दर्दनाक दास्तां

Meerut News: हौसलों की सरहद पर पिता तैनात घर पर आई-कार्ड से हार गई जिंदगी मेरठ में BSF जवान के बेटे की दर्दनाक दास्तां

Meerut News

Meerut News: जिंदगी और मौत के बीच का फासला कभी-कभी इतना मामूली हो सकता है इसकी कल्पना करना भी रूह कंपा देता है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोमवार की शाम कुदरत ने एक ऐसा ही क्रूर मजाक किया जिसने हर मां-बाप को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक मामूली सा स्कूल आई-कार्ड जो पहचान के लिए गले में डाला जाता है वही 13 साल के मासूम लक्ष्य के लिए फांसी का फंदा बन गया।

​एक चूक और उजड़ गई दुनिया

कंकरखेड़ा की सैनिक विहार कॉलोनी में रहने वाले लक्ष्य कक्षा 8 आर्मी पब्लिक स्कूल के लिए वह शाम बिल्कुल सामान्य थी। रोज की तरह वह स्कूल से लौटा और फिर ट्यूशन के लिए चला गया। पढ़ाई की धुन या जल्दबाजी कहिए वह अपना स्कूल आई-कार्ड गले से उतारना भूल गया। ​ट्यूशन से लौटने के बाद लक्ष्य कपड़े बदलने के लिए बाथरूम में गया। शायद उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। बाथरूम के गीले फर्श पर उसका पैर फिसला। वह संभल पाता इससे पहले ही गिरते वक्त उसके गले में लटक रहे आई-कार्ड का रिबन नल की टोंटी में जा उलझा। गिरने के झटके और वजन से रिबन कसता चला गया। बाथरूम की चार दीवारों के भीतर बिना किसी शोर के एक होनहार छात्र की सांसें घुट गईं। एक नन्ही जान ने खामोशी से दम तोड़ दिया।

Meerut News: देश की रक्षा करने वाले पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि लक्ष्य के पिता, दीपक बालियान त्रिपुरा में बीएसएफ (BSF) में तैनात होकर देश की सरहदों की रक्षा कर रहे हैं। जिस पिता को यह सुकून था कि उसका इकलौता बेटा घर पर सुरक्षित है उसे जब हजारों किलोमीटर दूर यह खबर मिली, तो वह पत्थर के हो गए। इधर, घर में मां गुड़िया और लक्ष्य की दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वाले उसे आनन-फानन में सरधना रोड स्थित अस्पताल लेकर भागे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उस हंसते-खेलते बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

​पुलिस की कार्यवाही और पोस्टमार्टम

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर विनय कुमार के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह एक हादसा है। पिता दीपक बालियान अपने बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे और उन्होंने कमांडेंट के जरिए पुलिस से भावुक अपील भी की थी। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया और मौत के कारणों की पूर्ण स्पष्टता के लिए एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने परिवार को समझाया जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

Meerut News: ​एक सबक हर अभिभावक के लिए

लक्ष्य अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उसकी मौत ने एक बड़ा सवाल और चेतावनी छोड़ी है। गले में लटकने वाले डोरी वाले आई-कार्ड बच्चों के लिए कितने घातक हो सकते हैं इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। यह हादसा हमें सिखाता है कि सुरक्षा के छोटे-छोटे नियम जैसे घर आते ही आई-कार्ड उतारना जीवन बचाने के लिए कितने अहम हैं।

Report BY: यश मित्तल

ये भी पढ़े… Bomb Alert:बार-बार धमकी भरे ईमेल से बढ़ी टेंशन, इंडिगो फ्लाइट को फिर मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल