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​UP NEWS: खूनी मंगलवार: बिजनौर के डेथ ट्रैक पर फिर बिछी लाशें 30 मीटर तक मौत घसीटता ले गया बेकाबू कंटेनर

UP NEWS: मंगलवार की सुबह जब सूरज निकला तो शेरकोट के मुबारकपुर कुंडे के पास नेशनल हाईवे पर रोशनी नहीं बल्कि मातम पसरा हुआ था। रफ़्तार के कहर और प्रशासनिक अव्यवस्था के गठजोड़ ने आज फिर तीन हंसती-खेलती जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। बिजनौर का यह वन-वे हाईवे अब सफर का जरिया नहीं बल्कि डेथ जोन बन चुका है जहां हर गुजरती गाड़ी के साथ मौत का साया चलता है।

​ 30 मीटर तक रगड़ता रहा मौत का पहिया

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। एक तेज रफ़्तार कंटेनर काल बनकर आया। उसने सबसे पहले बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में लिया और फिर सामने से आ रही एक पिकअप वैन को टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर पिकअप को अपने जबड़े में फंसाकर सड़क पर करीब 30 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। धमाके की आवाज के साथ पिकअप पलट गई बाइक के परखच्चे उड़ गए और हाईवे की लोहे की रेलिंग तिनके की तरह बिखर गई।

UP NEWS: उजड़ गए दो राज्यों के परिवार

इस वीभत्स हादसे ने लखीमपुर खीरी यूपी और जसपुर उत्तराखंड के परिवारों को गहरा जख्म दिया है।

​बाइक सवार: लखीमपुर खीरी के बिछवी गांव निवासी रंजीत पुत्र रामशंकर और लाला पुत्र भैया लाल जो किसी काम से निकले थे अब कभी घर नहीं लौटेंगे।

​पिकअप चालक: उत्तराखंड के जसपुर नई बस्ती निवासी फिरोज (पुत्र मोहम्मद उमर) की भी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और फरार कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन सवाल पुलिस की जांच से बड़ा है।

UP NEWS: हादसा या सिस्टम की लापरवाही?

स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। उनका सीधा आरोप है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि वन-वे व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। हाईवे पर निर्माण कार्य और बेतरतीब ट्रैफिक डायवर्जन के चलते वाहन अक्सर आमने-सामने आ जाते हैं। आंकड़े गवाह हैं कि यह जगह अब इंसानी जानों की कब्रगाह बनती जा रही है सिर्फ पिछले एक महीने में इसी अव्यवस्था ने 9 लोगों की जान ले ली है।

​अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन की नींद कब टूटेगी? क्या हाईवे अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासन और अधिक लाशों के गिरने का इंतजार कर रहा है या फिर इस डेथ जोन को सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? फिलहाल तीन परिवारों में चीख-पुकार मची है और हाईवे पर खून के धब्बे सिस्टम को मुंह चिढ़ा रहे हैं।

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