MP NEWS: मध्य प्रदेश में स्थानीय निकायों की चुनाव व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। विधानसभा ने मंगलवार को नगरपालिका संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया, जिसके बाद अब नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाएगा। इससे पहले यह चुनाव निर्वाचित पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष प्रणाली से होते थे।
परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान चुनाव प्रक्रिया में अस्थायी बदलाव किया गया था और अध्यक्षों का चुनाव इनडायरेक्ट प्रणाली से होने लगा था। लेकिन इस प्रणाली से कई समस्याएं सामने आईं। विजयवर्गीय के अनुसार, अप्रत्यक्ष चुनाव के चलते कई बार खरीद-फरोख्त की स्थिति बनी, अध्यक्ष पूरे कार्यकाल में दबाव व ब्लैकमेलिंग की राजनीति का शिकार बने और शहरों के विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि जो विकास होना चाहिए था, वह अपेक्षा के मुताबिक नहीं हो पाया।
MP NEWS: सभी दलों की सहमति से पारित हुआ बिल
मंत्री ने बताया कि नगर पालिका और नगर परिषदों की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर शिकायतें कीं। सभी दलों की मांग थी कि अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता द्वारा कराया जाए ताकि नेतृत्व मजबूत और जवाबदेह बन सके। इसी सहमति के आधार पर संशोधन विधेयक लाया गया और विधानसभा में इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।
रिकॉल सिस्टम और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया भी बदली
संशोधन बिल में रिकॉल प्रक्रिया (अध्यक्ष को हटाने की व्यवस्था) को भी नए रूप में शामिल किया गया है। अगर चुना हुआ अध्यक्ष जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है, तो तीन-चौथाई पार्षद उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। यह प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से राज्य शासन के पास जाएगा, और यदि राज्य शासन इसे सही पाएगा तो मामला निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग अध्यक्ष को पद से हटाकर शेष कार्यकाल के लिए तत्काल चुनाव कराएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि यह संशोधन लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करेगा और जनता को सीधे नेतृत्व चुनने का अधिकार देगा।
MP NEWS: स्थानीय शासन में होगा सुधार
नई व्यवस्था से स्थानीय निकायों में जवाबदेही, पारदर्शिता और स्थिरता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि जनता द्वारा चुना गया अध्यक्ष विकास कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेगा और राजनीतिक दबाव भी कम होंगे। इस संशोधन को स्थानीय शासन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







