Putin Visit India: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आगमन से ठीक पहले देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए ऐसा बयान दिया है जिसने नई बहस छेड़ दी है।
राहुल गांधी का आरोप विदेशी नेताओं को विपक्ष से दूर रखने की कोशिश
राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय परंपरा रही है कि जब भी कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या राजनयिक भारत आता है, तो उसकी नेता प्रतिपक्ष सहित कई राजनीतिक नेताओं से मुलाकात होती है। लेकिन, राहुल गांधी के मुताबिक मौजूदा सरकार इस परंपरा को बदल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई विदेशी मेहमान भारत आता है या वे खुद विदेश जाते हैं, तो सरकार उन्हें यह सुझाव देती है कि विपक्ष के नेताओं से मुलाकात न करें।
Putin Visit India: हम भी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, सिर्फ सरकार नहीं
राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष भी देश की आवाज और जनता का प्रतिनिधित्व करता है। उनका कहना है कि सरकार खुद को देश का एकमात्र प्रतिनिधि दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी का कहना है कि, “हम भी हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करते हैं, सिर्फ सरकार देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती। विदेश नीति और राजनयिक संबंधों से विपक्ष को दूर रखना गलत है।”
राजनीतिक हलचल तेज
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा को भारत की विदेश नीति के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है। ऐसे वक्त में राहुल गांधी का यह हमला कई राजनीतिक संकेत देता है। एक तरफ सरकार इस दौरे को वैश्विक रणनीति और साझेदारी की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक परंपरा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा रहा है।
अब नजरें पुतिन के कार्यक्रम पर
Putin Visit India: राहुल गांधी के बयान के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुतिन के भारत यात्रा के दौरान विपक्ष से किसी भी स्तर पर मुलाकात होती है या नहीं। अगर मुलाकात नहीं होती है तो विपक्ष इसे सरकार की रणनीति बताकर और तीखे सवाल खड़े कर सकता है, जबकि मुलाकात होने पर सरकार इसे संतुलित विदेश नीति की मिसाल के रूप में पेश कर सकती है।
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