Passport: गोरखपुर रेंज में एक व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने के लगातार सामने आते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा ने इन घटनाओं को साधारण त्रुटि मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह किसी संगठित नेटवर्क की सक्रियता का संकेत हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने पूरे रेंज में पासपोर्ट संबंधी फाइलों की व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
Passport: सबकी होगी दोबारा पड़ताल
जांच टीम अब सभी पुराने मामलों को नए सिरे से खंगालेगी।
इसमें शामिल होंगे
आवेदन पत्र
डिजिटल रिकार्ड
सत्यापन रिपोर्ट
पासपोर्ट कार्यालय की काउंटर फाइलें अधिकारियों का मानना है कि कई फाइलों में उन गड़बड़ियों के सुराग छिपे हो सकते हैं जो लंबे समय से नजरों से बचती रही हैं।
Passport: गोरखपुर–बंगाल लिंक पर उठे सवाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिला है कि गोरखपुर और पश्चिम बंगाल के बीच कोई संगठित गैंग या चैनल सक्रिय हो सकता है। आशंका है कि यह नेटवर्क संदिग्ध व्यक्तियों को नई पहचान उपलब्ध कराकर पासपोर्ट बनवाने में मदद करता है। इस लिंक की पुष्टि होने पर मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे तक जा सकता है।
एजेंसियां हाई-अलर्ट मोड पर
एक ही व्यक्ति के नाम पर दो पासपोर्ट जारी होना न सिर्फ पासपोर्ट सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। खुफिया एजेंसियों ने भी इस पैटर्न को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील मामलों की फाइलें प्राप्त की हैं।
जल्द होगी बड़ी कार्रवाई
जांच पूरी होने के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की नब्ज़ पकड़ने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में फर्जी पहचान, दलालों, स्थानीय सहयोगियों और पूरे रैकेट पर बड़ी कार्रवाई संभव है।
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