E Cigarette: ई-सिगरेट, जिसे इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेपिंग डिवाइस भी कहा जाता है, एक बैटरी चलित उपकरण है जो निकोटिन, फ्लेवर और अन्य रसायनों वाली तरल को गर्म करके भाप के रूप में उपयोगकर्ता को इनहेल कराता है। इसे पारंपरिक सिगरेट का आधुनिक विकल्प माना जाता है, हालांकि इसके खतरों को लेकर गंभीर बहस बनी हुई है।
ई-सिगरेट की शुरुआत
ई-सिगरेट का आविष्कार 2003 में चीन के फार्मासिस्ट होन लिक ने किया था। उनका उद्देश्य पारंपरिक तंबाकू सिगरेट की लत से छुटकारा पाने के लिए एक विकल्प तैयार करना था। 2005- 2006 में इसका वैश्विक बाजार में विस्तार शुरू हुआ और 2010 के बाद यह दुनिया भर में, विशेषकर युवाओं में, तेजी से लोकप्रिय हुआ।
E Cigarette: लोग ई-सिगरेट का उपयोग क्यों करते हैं?
लोग ई-सिगरेट का उपयोग कई कारणों से करते हैं: सिगरेट छोड़ने के प्रयास में: कई लोग इसे “कम नुकसानदायक” विकल्प मानते हैं। फैशन और स्टाइल: विभिन्न फ्लेवर जैसे फल, पुदीना, चॉकलेट आदि युवाओं को आकर्षित करते हैं। सुविधा: धुआं, राख और तेज गंध न होने के कारण इसे कई स्थानों पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और विवाद
हालांकि इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रचारित किया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ई-सिगरेट में मौजूद निकोटिन हृदय, फेफड़ों और दिमाग पर गंभीर प्रभाव डालता है। किशोरों में यह लत और ब्रेन डेवलपमेंट पर नकारात्मक असर डाल सकती है। कई देशों में इसके उपयोग पर प्रतिबंध या सख्त नियंत्रण लागू किए गए हैं।
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