शक के आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाना नागरिकता निलंबित करने जैसा: सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस
देशभर में चल रही मतदाता सूची सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जोरदार बहस हुई। याचिकाकर्ताओं ने SIR की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ शक के आधार पर किसी का नाम मतदाता सूची से हटाना, नागरिकता को निलंबित करने जैसा कदम है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बाग्ची की बेंच SIR की संवैधानिकता पर लगातार सुनवाई कर रही है। बहस के दौरान राजू रामचंद्रन ने कहा कि चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।