Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी में निर्माणाधीन कचहरी रोड का जिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और घटिया निर्माण सामने आया है। डीएम के निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर ही सड़क की परत उखड़ती नजर आई, जिससे साफ हो गया कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।
ठेकेदार का भुगतान रोकने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सड़क की गुणवत्ता परखने के लिए मौके पर ही गोले बनवाए। जांच में पाया गया कि सड़क में प्रयुक्त सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है। इसके बाद डीएम ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने साफ कहा कि जनता के पैसे से होने वाले निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और अधिशासी अभियंता (ईओ) की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हुई है। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण कराया जा रहा था। यह भी सामने आया है कि कचहरी रोड का ठेका एक भाजपा नेता के करीबी व्यक्ति को दिया गया था, जिससे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
Lakhimpur Kheri: सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
डीएम के निर्देश पर सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के सैंपल लेने के लिए विशेष जांच टीम मौके पर पहुंची। जांच टीम ने सड़क की विभिन्न परतों से सैंपल एकत्र किए, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। इस जांच का जिम्मा CD-1 तरुणेन्द्र त्रिपाठी एवं एसडीएम सदर को सौंपा गया है। अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचहरी रोड शहर की बेहद महत्वपूर्ण सड़क है, जिस पर प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे थे। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जानबूझकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा था, जिसकी शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आंख मूंदे रखी।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार, जेई और ईओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य को दोबारा मानक के अनुसार कराने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच कराई जा सकती है। डीएम के इस कदम से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और ठेकेदारों में डर का माहौल है।
फिलहाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि सड़क निर्माण में कितना भ्रष्टाचार हुआ है और किन-किन लोगों की भूमिका रही है। डीएम की सख्ती से आम जनता को उम्मीद जगी है कि जिले में विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
Report By: संजय कुमार राठौर







