Rajasthan News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए एक विवादित नारे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जयपुर सिटी महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मंजू लता मीणा ने अपने बयान से पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हाल में माफी नहीं मांगेंगी और अपने शब्दों पर आज भी कायम हैं। दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली के दौरान दिए गए नारे ने सियासी गलियारों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मंजू लता मीणा का कहना है कि उनका बयान किसी व्यक्तिगत द्वेष से नहीं, बल्कि जनता में मौजूद गहरे असंतोष की अभिव्यक्ति है।
Rajasthan News: वोटों की चोरी का आरोप, चुनावी व्यवस्था पर सवाल
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका दावा है कि कथित रूप से वोटों में हेराफेरी कर सरकारें बनाई जा रही हैं और चुनाव आयोग पर भी सरकार के दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव वोट के अधिकार पर टिकी है और अगर उसी अधिकार को कमजोर किया जाएगा तो संविधान की भावना को ठेस पहुंचेगी। मंजू लता के मुताबिक, देशभर से आए लोगों की मौजूदगी यह दिखाती है कि जनता वोटों की कथित चोरी के खिलाफ खड़ी है और इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई मान रही है।
Rajasthan News: प्रधानमंत्री पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
अपने बयान को सही ठहराते हुए महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रोजगार, युवाओं, किसानों और महिलाओं जैसे अहम मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो पर्याप्त नौकरियां पैदा हुईं और न ही बड़े पैमाने पर भर्तियां हुईं।राजस्थान की भजनलाल सरकार पर भी उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में सरकार जनता के फैसले से नहीं, बल्कि ‘पर्ची सिस्टम’ के जरिए बनी है। उनके अनुसार, इसी राजनीतिक असंतोष ने उन्हें इतना तीखा नारा देने के लिए मजबूर किया।
माफी से इनकार, बयान पर कायम
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या इस तरह के नारे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ नहीं हैं, तो मंजू लता मीणा ने साफ कहा कि वह अपने बयान को राजनीतिक आलोचना मानती हैं। उन्होंने दोहराया कि यह शब्द जनता के गुस्से और निराशा को दर्शाते हैं।कांग्रेस नेत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि वह माफी नहीं मांगेंगी, क्योंकि उनके अनुसार यह बयान किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सत्ता की नीतियों के खिलाफ जनता की भावना को सामने लाने का माध्यम है। इस बयान के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।
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