Virat-Anushka Vrindavan Visit: मंगलवार, 16 दिसंबर को क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अपनी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन पहुंचे। वहां दोनों ने केली कुंज आश्रम में जाकर संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। बता दें, प्रेमानंद जी महाराज से विराट और अनुष्का की यह इस साल की तीसरी भेंट थी।

ध्यानपूर्वक सुनी महाराज की बातें
दोनों ने सबसे पहले झुककर महाराज का आशीर्वाद लिया और उनके सामने बैठकर उनकी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों ने माथे पर तिलक लगाया और गले में तुलसी की माला धारण की थी। विराट और अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज की बातों को ध्यानपूर्वक सुना।
Virat-Anushka Vrindavan Visit: महाराज जी के मार्गदर्शन के प्रेरक संदेश
इसके बाद अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से कहा, “महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे।”
इस पर उन्होंने जवाब दिया, “हम सभी श्रीजी के हैं।” इसी क्रम में प्रेमानंद जी ने आगे कहा, “अपने काम को भगवान की सेवा समझिए। गंभीर भाव से रहिए। विनम्र रहिए। जिंदगी को उन्नतिशील बनाना है। जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है। हम लौकिक और पारलौकिक सभी क्षेत्रों को पार करते हैं। एक बार ठाकुरजी को भी देखें, जिसके हम असली में हैं। हम सभी एक ही छत के नीचे हैं और भगवान ही हमारे सच्चे सहारे हैं। गुरु, आचार्य और इष्ट के मार्गदर्शन में चलते हुए इंसान धीरे-धीरे अपने लक्ष्य तक पहुंचता है।”

रामायण का उदाहरण और जीवन की सीख
अपनी बात को आगे रखते हुए महाराज जी ने रामायण का उदाहरण भी दिया। उन्होंने रावण के बारे में बताते हुए कहा कि रावण भगवान से दूर हो गया था, जिसकी वजह से उसका पतन हुआ। उसके पास सब कुछ था, लेकिन विवेक नहीं था। इसी से हमें सीख लेनी चाहिए और हमेशा भगवती मार्ग पर चलना चाहिए।
भगवान पर भरोसा और भक्ति का महत्व
महाराज जी ने विराट और अनुष्का को बताया कि जो भी मनुष्य भगवान का स्मरण करने लगता है, उसकी सभी आवश्यकताएँ भगवान स्वयं पूरी करते हैं। जब व्यक्ति का भरोसा भगवान पर होता है, तो जीवन की सारी सुख-सुविधाएँ अपने आप मिलने लगती हैं।
गौरतलब है कि विराट कोहली ने करीब सात महीने पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके अगले ही दिन वे अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे थे। उस दौरान दोनों ने आश्रम में काफी समय बिताया और महाराज जी से निजी बातचीत भी की थी।






