Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ग्रामीण इलाकों में बेहतर आवागमन के लिए सड़कों का जाल बिछाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। ताजा मामला लखीमपुर खीरी के बेहजम ब्लॉक से सामने आया है, जहाँ ग्राम पंचायत अल्लीपुर के मजरा पड़री में कराए जा रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में जमकर धांधली के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने कार्य स्थल पर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
बालू की जगह मिट्टी का खेल
किसी भी इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती उसके आधार यानी ‘बेस’ पर टिकी होती है। सरकारी मानकों के अनुसार, ईंटें बिछाने से पहले जमीन को समतल कर उस पर पर्याप्त मात्रा में बालू (रेत) की परत डालनी अनिवार्य है। लेकिन पड़री गांव में हो रहे निर्माण कार्य में ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों ने नया ही तरीका निकाल लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लागत कम करने और अवैध मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बालू बिछाने के बजाय सड़क के नीचे मिट्टी (पीली मिट्टी) डाली जा रही है।
Lakhimpur Kheri: ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
निर्माण कार्य में हो रही इस अनियमितता को देख पड़री गांव के ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार कार्य कर रहे मजदूरों और मुंशी से इसकी शिकायत की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों का तर्क है कि यदि मिट्टी के ऊपर इंटरलॉकिंग बिछाई जाती है, तो पहली ही बारिश में सड़क धंस जाएगी और सरकार का लाखों रुपया बर्बाद हो जाएगा। ग्रामीणों ने मौके पर काम रुकवाकर विरोध प्रदर्शन किया और जांच की मांग की।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता विकास कार्य
बेहजम ब्लॉक के इस मामले ने एक बार फिर ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिया है। आरोप है कि बिना किसी तकनीकी पर्यवेक्षण (Supervision) के काम धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस खेल में ऊपर से नीचे तक की मिलीभगत की आशंका है, जिसके चलते शिकायत के बाद भी कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा है।
Lakhimpur Kheri: जवाबदेही से बचते जिम्मेदार
विकास कार्यों में धांधली की यह खबर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मिट्टी वाली सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर दिया गया, तो यह सड़क महज कुछ महीनों की मेहमान होगी। उन्होंने जिला प्रशासन और खंड विकास अधिकारी (BDO) से मांग की है कि इस कार्य की तत्काल स्थलीय जांच कराई जाए और मानक विहीन सामग्री को हटवाकर नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। फिलहाल, इस मामले में अभी तक ब्लॉक स्तर के अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
Report By: संजय कुमार राठौर
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