West Bengal: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के सामुक्ताला क्षेत्र में जूना अखाड़े से जुड़े महंत महेंद्र गिरी जी महाराज की निर्मम हत्या के बाद संत समाज और हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया है। इस घटना को सनातन एवं संत समाज पर सीधा आघात बताया जा रहा है। हत्या के बाद न सिर्फ पश्चिम बंगाल, बल्कि देशभर के संत समाज में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
विरोध में निकाली गई मौन रैली
महंत महेंद्र गिरी जी महाराज की हत्या के विरोध में सामुक्ताला हिंदी स्कूल से मौन रैली निकाली गई। रैली में संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। सभी ने लालपुल महाश्मशान स्थित काली माता मंदिर परिसर में महाराज जी की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
West Bengal: CBI जांच की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल सरकार से मामले की CBI जांच कराए जाने की मांग की है। संत समाज का कहना है कि यदि जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा नहीं दी गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जूना अखाड़े से जुड़े नागा संन्यासियों और संतों ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
संत समाज की ममता सरकार को चेतावनी
महंत की हत्या के बाद से ही नागा संन्यासियों और जूना अखाड़े के संतों में भारी रोष देखा जा रहा है। संतों का कहना है कि आश्रम और धार्मिक स्थलों में संतों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
बांग्लादेश की घटनाओं से भी जोड़ा जा रहा मामला
संत समाज और हिंदू संगठनों ने इस घटना को बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचार और दीपू दास की हत्या से भी जोड़कर देखा है। वक्ताओं का कहना है कि चाहे बांग्लादेश हो या भारत का कोई राज्य, हिंदुओं और संत समाज पर हो रहे हमले एक गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और केंद्र सरकार से भी इन मुद्दों पर संज्ञान लेने की अपील की।
हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार का आरोप
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि हाल के समय में हिंदू समाज, साधु-संतों और धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। संत समाज ने इसे सनातन पर हो रहे हमलों की श्रृंखला बताया और एकजुट होकर इसके विरोध की बात कही।
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