Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद उपजे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में बर्खास्त किए गए डॉक्टर की बहाली को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक गुट जहां हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने के पक्ष में है, वहीं दूसरा गुट लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की मांग पर अड़ा हुआ है।
Himachal Pradesh: बहाली की मांग पर अड़े डॉक्टर, लिखित भरोसे की शर्त
हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का कहना है कि जब तक बर्खास्त किए गए डॉक्टर डॉ. राघव की बहाली को लेकर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। उनका तर्क है कि विभागीय कार्रवाई एकतरफा रही और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर अब भी गंभीर सवाल बने हुए हैं।
Himachal Pradesh: RDA नेतृत्व ने हड़ताल खत्म करने का किया ऐलान
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से डॉक्टरों की सुरक्षा और अन्य मांगों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसी आधार पर 29 दिसंबर से सेवाएं बहाल करने का फैसला लिया गया है, ताकि मरीजों को हो रही परेशानी को खत्म किया जा सके।
हालांकि पूरी तरह नहीं बनी सहमति
RDA के इस फैसले से सभी डॉक्टर संतुष्ट नजर नहीं आए। कुछ रेजिडेंट डॉक्टरों ने खुले तौर पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि बिना लिखित आश्वासन के हड़ताल खत्म करना जल्दबाजी होगी। इसी कारण IGMC में डॉक्टर दो स्पष्ट गुटों में बंटे दिखाई दिए—एक काम पर लौटने के पक्ष में और दूसरा आंदोलन जारी रखने के समर्थन में।
Himachal Pradesh: तीन दिन की हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
IGMC समेत प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। करीब तीन हजार से अधिक डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, कई सर्जरी टालनी पड़ीं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गंभीर मरीजों के परिजनों में भी चिंता का माहौल बना रहा।
मुख्यमंत्री की अपील, ड्यूटी पर लौटें डॉक्टर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए ड्यूटी पर लौटें। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और सभी मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है। मुख्यमंत्री की इस अपील के बाद ही RDA नेतृत्व ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
Himachal Pradesh: मारपीट की घटना से शुरू हुआ विवाद
गौरतलब है कि IGMC में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद संबंधित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसी फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल शुरू की थी, जो देखते ही देखते पूरे प्रदेश में फैल गई। अब नजरें सोमवार पर टिकीं फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। सोमवार को यह साफ होगा कि सभी डॉक्टर ड्यूटी पर लौटते हैं या विरोध जारी रहता है। यदि गुटबाजी बनी रहती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर आगे भी पड़ सकता है।
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