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उन्नाव रेप केस में बड़ा मोड़: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक, सेंगर की जमानत पर ब्रेक

उन्नाव रेप कांड से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। यह आदेश दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Unnao Rape Case: उन्नाव रेप कांड से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। यह आदेश दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंगर को दी गई जमानत पर फिलहाल रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त नजर

दरअसल, कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत दी थी। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और इसे जघन्य अपराध बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। सीबीआई की दलीलों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि मामले की प्रकृति बेहद गंभीर है और इसमें गहन न्यायिक समीक्षा आवश्यक है।

Unnao Rape Case: जमानत के बावजूद जेल में था सेंगर

गौरतलब है कि हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद कुलदीप सिंह सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाया था। वह पहले से ही रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में संदिग्ध मौत के मामले में 10 साल की सजा काट रहा है। इस केस में भी उसने हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है।

लोकसेवक मानने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के ऐतिहासिक ‘ए.आर. अंतुले’ केस का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि कुलदीप सिंह सेंगर को तकनीकी आधार पर ‘लोकसेवक’ मानने से इनकार किया जाता है। कोर्ट ने कहा कि कानून की प्रक्रिया से कोई भी दोषी बच नहीं सकता।

2017 की घटना से देशभर में उठा था आक्रोश

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। दिल्ली की एक निचली अदालत ने वर्ष 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले को महिला सुरक्षा और न्याय प्रणाली की सख्ती के प्रतीक के तौर पर देखा जाता रहा है

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