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स्किल इंडिया में 9 हजार करोड़ का खेल? कमलनाथ का बड़ा आरोप – युवाओं के भविष्य से हुआ धोखा

Skill India Scam: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई स्किल इंडिया योजना में भारी अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार चुप्पी साधे बैठी है।

कमलनाथ ने संसद में पेश की गई कैग (CAG) की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 9,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2015 से 2022 के बीच लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देने के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

फर्जी खाते, फर्जी ट्रेनिंग और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए आंकड़े

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि योजना के तहत लाभार्थियों के 94 प्रतिशत से अधिक बैंक खाते या तो फर्जी थे या अमान्य पाए गए। कई मामलों में एक ही बैंक खाता हजारों युवाओं से जोड़ा गया और एक ही फोटो के आधार पर अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षण दिखा दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्लेसमेंट के आंकड़े जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए, जबकि कई प्रशिक्षण केंद्र या तो बंद थे या केवल कागजों में चल रहे थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ निरीक्षण ऐसे अधिकारियों द्वारा दिखाए गए, जो एक ही दिन में कई राज्यों में मौजूद बताए गए।

Skill India Scam: मध्य प्रदेश में भी गड़बड़ी के आरोप

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा सरकार के कार्यकाल में 4.7 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया, जिसमें लगभग 23 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई गई है। उनका कहना था कि यह दिखाता है कि भ्रष्टाचार केवल केंद्र तक सीमित नहीं, बल्कि राज्यों तक फैला हुआ है।

Skill India Scam: ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ पर सवाल

भाजपा के भ्रष्टाचार विरोधी नारों पर सवाल उठाते हुए कमलनाथ ने कहा कि “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है।

कांग्रेस कार्यकाल का उदाहरण

अपने शासनकाल की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा समेत प्रदेश में कांग्रेस सरकार के समय स्किल सेंटर्स पूरी पारदर्शिता के साथ चलाए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य आंकड़े दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को वास्तविक रोजगार दिलाना था। उन्होंने दावा किया कि आज कई युवा देश-विदेश में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।

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