Tilkut recipe: सनातन संस्कृति में संकट चौथ के दिन तिल और गुड़ से बनी चीज़ों का बहुत महत्व होता है। ठंड के दिनों में तिल और गुड़ के लड्डू अथवा तिलकुट खाने से हमारे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। तिल और गुड़ को एक साथ खाने से हड्डियों के दर्द में भी फायदा पहुंचता है। आइए जानते हैं बहुत ही आसान तरीके से स्वादिष्ट तिलकुट कैसे बनाया जाता है।
तिलकुट के लिए आवश्यक सामग्री
तिलकुट बनाने के लिए तीन चीज़ों की आवश्यकता होती है—सफेद तिल, गुड़ और घी। सबसे पहले 150 ग्राम सफेद तिल लें और उसे अच्छी तरह साफ कर लें। कई बार बाजार से लाए हुए सफेद तिल में कंकर या गंदगी हो सकती है, इसलिए इसे साफ करना बहुत जरूरी होता है। इसके बाद जितनी मात्रा में तिल लिया है, उतनी ही मात्रा में गुड़ भी ले लें और लगभग एक चम्मच घी निकालकर रख लें।

Tilkut recipe: तिल भूनने की सही तकनीक
सामग्री तैयार करने के बाद एक कढ़ाही में तिल डालें और हल्की आंच पर भूनें, जब तक तिल का रंग हल्का भूरा न हो जाए। इसके बाद तिल को ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने पर इसे मिक्सी में दरदरा पीस लें।
गुड़ की परफेक्ट चाशनी कैसे बनाएं
अब चाशनी तैयार करने की बारी है। इसके लिए एक कढ़ाही में गुड़ को बारीक टुकड़ों में तोड़कर डालें और उसमें एक चम्मच पानी मिलाएं। फिर इसे हल्की आंच पर रखें और लगातार चलाते हुए चाशनी बनाएं। ध्यान रखें कि इस समय गुड़ को चलाते रहना बहुत जरूरी है।
जब गुड़ कढ़ाही छोड़ने लगे और उसमें बुलबुले दिखने लगें, तब चाशनी को चेक कर लें। चाशनी को मध्यम आंच पर तब तक ही पकाएं, जब तक उसमें चिपचिपाहट खत्म न हो जाए और वह तार की तरह खिंचने न लगे। इसके बाद गैस की आंच पूरी तरह कम कर दें और चाशनी में पिसे हुए तिल डाल दें। तिल डालने के बाद गैस बंद कर दें और तिल–गुड़ को अच्छी तरह मिला लें।
व्रत और स्वास्थ्य दोनों के लिए उत्तम
सेट करने के लिए किसी प्लेट या ट्रे में हल्का घी लगा लें और उसमें तिल-गुड़ का मिश्रण फैलाकर सेट कर लें। ठंडा होने पर इसे मनचाहे आकार में काट लें। यह मिठाई आप व्रत में भी खा सकते हैं और भोजन के बाद मीठे के रूप में भी इसका सेवन कर सकते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।







