Yogi Baba: योगी सरकार प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लगातार मजबूत कर रही है। योजना के तहत इलाज को पूरी तरह कैशलेस बनाया गया है, वहीं सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों को 30 दिनों के भीतर क्लेम भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भुगतान में देरी के कारण इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्लेम पेंडेंसी में बड़ा सुधार
स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष में क्लेम निस्तारण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जनवरी 2025 में जहां पेंडेंसी 10.75 लाख क्लेम तक पहुंच गई थी, वह दिसंबर 2025 तक घटकर केवल 3 लाख रह गई है। प्रदेश में हर महीने औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम प्राप्त होते हैं, इसके बावजूद पुराने और नए दोनों तरह के मामलों का नियमित निस्तारण किया जा रहा है।
Yogi Baba: ऑडिट व्यवस्था सुदृढ़, हजारों करोड़ का भुगतान
साचीज की एसीईओ पूजा यादव के अनुसार, क्लेम प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है, जबकि क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क 100 से बढ़ाकर 125 हो गए हैं। जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश के अस्पतालों को 4,649 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से अस्पतालों का भरोसा बढ़ा है और गरीब मरीजों को बिना आर्थिक बोझ के समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है।
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