Iran protests: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से दावा किया है कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई। गुरुवार रात कई शहरों में प्रदर्शन तेज होते ही सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिसके बाद से कार्रवाई लगातार जारी है।
गोली की धमकी, इंटरनेट बंद सरकार का दमन तेज
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी टीवी पर चेतावनी देते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें और अगर उन्हें गोली लगे तो शिकायत न करें। इन बयानों और सामने आई तस्वीरों से साफ है कि सरकार अब किसी भी कीमत पर आंदोलन को दबाने के मूड में है। शुरुआती दिनों में सुरक्षा बलों के भीतर भ्रम की स्थिति बताई जा रही थी, लेकिन अब इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे प्रदर्शन मध्यम वर्गीय इलाकों तक फैल रहे हैं, सरकार और भी बेरहम कार्रवाई कर सकती है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
Iran protests: बाहरी साजिश का आरोप, सरकार में दो राय
ईरान पहले से ही इजराइल के साथ तनाव, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, गिरती अर्थव्यवस्था, बिजली-पानी की किल्लत और अंदरूनी राजनीतिक मतभेदों से जूझ रहा है। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सार्वजनिक तौर पर नरम रुख दिखा रहे हैं, लेकिन सरकार के कई मंत्री सख्त कदमों के पक्ष में हैं। सरकार का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल इन प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं।

Iran protests: महंगाई और टैक्स ने बढ़ाया जनआक्रोश
आर्थिक हालात ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति डॉलर तक पहुंच गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं में 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। ऊपर से 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने लोगों की नाराजगी चरम पर पहुंचा दी है।
खामेनेई का सख्त संदेश, रजा पहलवी की वापसी की घोषणा
इस बीच सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रदर्शनों के लिए ‘विदेशी एजेंटों’ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी दबाव में नहीं झुकेगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर भी पलटवार करते हुए कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के सामने कभी पीछे नहीं हटेगा। उधर, पूर्व शाह के बेटे और ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ऐलान किया है कि वह देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 50 साल से निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी ने कहा कि वह ईरान की ‘राष्ट्रीय क्रांति’ की जीत के वक्त जनता के साथ खड़े रहना चाहते हैं।
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