Jeetu patwari: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के हादसे को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की जलापूर्ति व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में पेयजल के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद पीने के पानी का हर तीसरा गिलास दूषित है। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार का बजट 19,949 करोड़ रुपए है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत 26,952 करोड़ रुपए मध्य प्रदेश को आवंटित किए हैं।
Jeetu patwari: हर तीसरा गिलास दूषित, करोड़ों की सेहत खतरे में
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने और ड्रेनेज लाइन सुधारने के नाम पर बैंकों से 4 से 5 हजार करोड़ रुपए का ऋण भी लिया। इसके बावजूद सच्चाई यह है कि आज प्रदेश में हर तीसरा गिलास पीने का पानी दूषित है। पटवारी ने आगे कहा है कि पूरे मध्य प्रदेश में 36.7 प्रतिशत पानी के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं, जिनमें बैक्टीरिया और रासायनिक जहर की मौजूदगी सामने आई है। यह स्थिति किसी तकनीकी लापरवाही का नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के जीवन के साथ सीधे खिलवाड़ का मामला है।
Jeetu patwari: अस्पताल और स्कूलों में भी सुरक्षित पानी नहीं
जीतू पटवारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में केवल 12 प्रतिशत और स्कूलों में मात्र 26.7 प्रतिशत पानी ही पीने लायक पाया गया है। यानी जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए और जहां बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, वहीं उन्हें जहर पिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद यदि जनता को सुरक्षित पेयजल नहीं मिल पा रहा है तो यह पूरी व्यवस्था की विफलता है।
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