Pradosh Vrat: सनातन संस्कृति में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व होता है। इस व्रत के नाम से ही इसका अर्थ स्पष्ट होता है। यह व्रत जीवन की परेशानियों को दूर करता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। प्रदोष व्रत काल भगवान महाकाल को समर्पित होता है। इसलिए इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है, जिससे जीवन के सभी रोग, दोष और कष्ट दूर हो जाते हैं।

त्रयोदशी तिथि और प्रदोष काल
यह व्रत चंद्र मास की दोनों त्रयोदशी पर किया जाता है, यानी एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में। बता दें, सूर्यास्त के समय से ही प्रदोष काल भी शुरू हो जाता है। चलिए जानते हैं कि माघ के महीने में प्रदोष व्रत कब किया जाएगा और उसका पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है।
पंचांग के अनुसार, माघ के महीने में 16 जनवरी 2026 को प्रदोष व्रत किया जाएगा। दरअसल, 15 जनवरी 2026 को रात 8:16 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन यानी 16 जनवरी 2026 को रात्रि 10:21 बजे तक रहेगी। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का शुभ मुहूर्त 16 जनवरी को शाम 5:47 बजे से लेकर रात्रि 8:49 बजे तक रहेगा।

Pradosh Vrat: शुक्र ग्रह संबंधी समस्याओं में राहत
प्रदोष व्रत का नाम दिन के अनुसार रखा जाता है। इस बार प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष कहा जाएगा। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत और पूजा करता है, उसके जीवन में धन-सम्पदा, सौंदर्य, भोग, वैवाहिक सुख और इच्छित मनोकामना की प्राप्ति होती है। खासतौर पर यह व्रत स्त्रियों द्वारा किया जाता है, जिससे उनके वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहें। यही नहीं, यदि आपके जीवन में शुक्र ग्रह से जुड़ी कोई समस्या है तो वह भी इस व्रत को करने से दूर हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से साझा किया गया है। किसी भी नियम या उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।







