Indore Water Contamination: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण फैल रही बीमारियों को लेकर सोमवार को रेसीडेंसी कोठी में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्य विषय शहर में सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, त्वरित सुधार और नई व्यवस्थाओं को लागू करना था। बैठक में कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, एसीएस नीरज मंडलोई, एसीएस अनुपम राजन, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के प्रमुख फैसले
- भागीरथपुरा के 30% क्षेत्र में 2–3 दिनों में नर्मदा का शुद्ध जल सप्लाई शुरू
- शेष 70% क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था
- नागरिकों को पानी उबालकर पीने की सलाह
- नगर निगम में अधिकारियों की कमी दूर करने नई भर्तियों पर सहमति
- नई बोरिंग पर तत्काल रोक
- 105 टंकियों पर जल गुणवत्ता जांच और क्लोरीनेशन की नई व्यवस्था
- अमृत योजना के रुके कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश

Indore Water Contamination: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केवल भागीरथपुरा ही नहीं, पूरे इंदौर की स्थिति की समीक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि मरीजों की संख्या में कमी आई है और हालात नियंत्रण में हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 50 से 60 हजार लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
बोरिंग के पानी पर रोक
अधिकारियों ने कहा कि जांच में 114 सरकारी और 600 से अधिक निजी बोरिंगों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। इस कारण बोरिंग के पानी के उपयोग पर सख्त रोक लगा दी गई है। कलेक्टर को सभी जल स्रोतों की कड़ी निगरानी करने और नई बोरिंग की अनुमति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
Written By- आदित्य शर्मा







