Chandrashekhar Azad: मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला रूबी की निर्मम हत्या और उसकी बेटी के अपहरण ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस सनसनीखेज घटना ने अब जोरदार राजनीतिक रंग ले लिया जहां आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की हरकतें सुर्खियों में हैं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर चंद्रशेखर की दीवार फांदने वाली हाईवे पर दौड़ लगाने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। लेकिन इन एक्शन क्लिप्स पर उनकी पूर्व प्रेमिका डॉ. रोहिणी घावरी ने तीखा हमला बोला है उन्हें फर्जी नेता और रील्स का शौकीन करार देते हुए।
चंद्रशेखर की मंशा पर खड़े किए सवाल
घावरी ने इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो शेयर कर चंद्रशेखर की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि जो नेता ‘आंधी’ बनकर आने का दंभ भरते हैं वे पीड़ित जाटव परिवार तक नहीं पहुंच सके। जबकि राजपूत नेता संगीत सोम ने पीड़िता का अंतिम संस्कार किया समाजवादी पार्टी के अतुल प्रधान ने आर्थिक सहायता दी और बसपा लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रही है। ऐसे में चंद्रशेखर सिर्फ कैमरों के आगे ‘स्टंट’ करते नजर आए। घावरी का तंज था अगर सच्ची संवेदना होती तो चुपचाप गांव पहुंच जाते न कि पहले ऐलान कर तमाशा मचाते।

उन्होंने खुलासा किया कि जब मामला गरम था चंद्रशेखर कश्मीर की वादियों में मस्ती कर रहे थे। जैसे ही अन्य दल मैदान में उतरे वे मजबूरी में दौड़ पड़े। हाथरस कांड का जिक्र ठोंकते हुए घावरी ने कहा जो नेता तब बेटी को न्याय न दिला सका, वो आज रूबी के परिवार का क्या भला करेगा उनका कहना था कि समाज अब भेद चुका है कौन जमीनी काम कर रहा है कौन सिर्फ सोशल मीडिया की रील राजनीति यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है जिससे चंद्रशेखर की छवि पर सवाल उठने लगे हैं।
Chandrashekhar Azad: चंद्रशेखर को पुलिस ने घेरा
शनिवार को दिल्ली से मेरठ रवाना हुए चंद्रशेखर को पुलिस ने शुरू से ही घेर लिया। गाजीपुर बॉर्डर पर आठ फीट ऊंची दीवार लांघी डिवाइडर पर दौड़े हाईवे पर भागे। फिर अनजान बाइक सवार से लिफ्ट लेकर सिक्योरिटी के साथ फरार। डासना बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें पकड़ ही लिया जहां धक्कामुक्की हुई। ये तमाम दृश्य सोशल मीडिया पर बॉलीवुड स्टाइल में छाए हुए हैं लेकिन घावरी ने इन्हें ‘नौटंकी’ बता डाला।
डॉ. रोहिणी घावरी का चंद्रशेखर से पुराना रिश्ता रहा है। इंदौर की सफाईकर्मी की बेटी रोहिणी 2019 में स्विट्जरलैंड पढ़ाई के लिए गईं जहां दोनों मिले। तीन साल चला रिश्ता टूटा तो रोहिणी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। तब से वे सोशल मीडिया पर लगातार निशाना साधती रहीं। इस बार मेरठ कांड ने फिर उनके बीच जंग छेड़ दी। मामला राजनीतिक घमासान में बदल चुका है। एक तरफ चंद्रशेखर समर्थक इसे पुलिस दमन बता रहे हैं वहीं घावरी जैसे आलोचक दिखावे पर सवाल उठा रहे। पीड़ित परिवार का दर्द भुलाकर रील्स की होड़ लगी है। सवाल यह है कि न्याय कब मिलेगा पुलिस जांच तेज है लेकिन राजनीति की रेस रुकने का नाम नहीं ले रही।
Report BY: Yash Mittal
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