Lakhimpur Kheri: जनपद लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पसगवां कोतवाली क्षेत्र में इन दिनों मिट्टी खनन माफियाओं का बोलबाला है। परमिशन के नाम पर नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दिन-रात सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रालियों ने न केवल सरकारी संपत्ति (सड़कों) को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि आम जनजीवन को भी नारकीय बना दिया है। सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर खड़ा हो रहा है, जो सब कुछ जानते हुए भी ‘धृतराष्ट्र’ बने बैठे हैं।
परमिशन एक की, खुदाई अनेक की
स्थानीय सूत्रों और मौके की पड़ताल से पता चला है कि खनन माफिया किसी एक गाटा संख्या की मामूली परमिशन लेकर आसपास के कई खेतों को गहरा खोद रहे हैं। उत्तर प्रदेश खनन नीति के अनुसार, मिट्टी की खुदाई की एक निश्चित गहराई तय होती है, लेकिन यहाँ मानक से कहीं अधिक गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे भविष्य में पर्यावरण और किसानों के खेतों को भारी खतरा पैदा हो गया है। पसगवां क्षेत्र की सड़कों पर मिट्टी लदे डंपर बिना तिरपाल ढके सरपट दौड़ रहे हैं। उड़ती धूल: इन वाहनों से गिरती मिट्टी और उड़ती धूल के कारण राहगीरों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया है। आंखों में धूल पड़ने से आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ध्वस्त होती सड़कें: भारी भरकम डंपरों के दबाव से करोड़ों की लागत से बनी ग्रामीण सड़कें जगह-जगह से टूट चुकी हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढे माफियाओं के रसूख की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।

Lakhimpur Kheri: प्रदूषण मानकों की अनदेखी
नियमों के मुताबिक, खनन क्षेत्र और परिवहन मार्ग पर धूल न उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा कारोबार खुलेआम मुख्य मार्गों पर हो रहा है, फिर भी तहसील प्रशासन, कोतवाली पुलिस और खनन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की सूचना कई बार तहसील दिवस और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारियों की यह चुप्पी माफियाओं के साथ मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।
ये है जनता की मांग
पसगवां और मोहम्मदी क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी से मांग की है कि तत्काल टीम गठित कर खनन स्थलों की पैमाइश कराई जाए। ओवरलोड और बिना तिरपाल ढके दौड़ रहे डंपरों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का खर्च खनन माफियाओं से वसूला जाए। यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आक्रोशित ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
Report By: Sanjay Kumar
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