Meerut News: कपासाड़ कांड के प्रमुख आरोपी पारस सोम को रविवार को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जिसके बाद उसे चौधरी चरण सिंह जिला कारागार ले जाया गया। जेल पहुंचते ही पारस ने खुद को नाबालिग बताकर मदद मांग ली लेकिन जेल प्रशासन ने उसके बयान को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया। पहली रात वह चुपचाप बिताने के साथ-साथ खामोशी से रहा।
Meerut News: नए बंदी बैरक में सेटल किया गया पारस को
जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि पारस सोम को नए बंदियों की बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन ने उसे कंबल, बर्तन, चादर और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा दिए। स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली गई और सभी औपचारिकताएं निपटा लीं। पारस ने रात में जेल का खाना खाया सुबह नाश्ता लिया लेकिन किसी से बात नहीं की। वह ज्यादातर खामोश बैठा रहा।पुलिस अध्यक्ष के मुताबिक, पारस को रात में मुलायजा बैरक ले जाया गया जहां वह अगले 10 दिनों तक रहेगा। वह जेल पहुंचते ही चुप था। रात भर चैन की नींद सोया लेकिन बातचीत से परहेज किया। जेल सूत्रों का कहना है कि पारस ने पहली रात काफी देर तक सोया और उसकी सेहत सामान्य बनी रही।
Meerut News: नाबालिग होने का दावा कर मांगी मदद
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पारस सोम ने जेल में खुद को नाबालिग बताते हुए मदद की गुहार लगाई। वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. शर्मा ने पुष्टि की कि पारस ने यह दावा किया है। जेल प्रशासन ने उसके बयान को नियमों के अनुसार रिकॉर्ड कर लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस दौवे पर क्या कार्रवाई करती है। कपासाड़ कांड में पारंस मुख्य आरोपी है और यह घटना उत्तर प्रदेश में सुर्खियां बटोर रही है।
मिलने वाले नहीं पहुंचे जेल में सतर्कता बरत रही प्रशासन
सोमवार सुबह तक पारस से मिलने कोई नहीं पहुंचा। न कोई वकील आया न परिजन। जेल प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नए बंदी होने के कारण पारस को अलग बैरक में रखा गया है ताकि कोई अनुशासनहीनता न हो। जेल में उसकी दिनचर्या सामान्य रखी गई है सुबह नाश्ता दोपहर भोजन और रात आराम।कपासाड़ कांड ने पूरे इलाके को हिला दिया था। इस मामले में पारस सोम की भूमिका को लेकर पुलिस ने सख्ती दिखाई। कोर्ट ने हिरासत बढ़ाई है जिससे जांच आगे बढ़ सके। पारस की नाबालिग होने की दलील अब जांच का विषय बनेगी। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अगर वह नाबालिग साबित होता है तो केस अलग ट्रैक पर जा सकता है। लेकिन अभी तक पुलिस और कोर्ट इसे वयस्क अपराध मान रही है।
Meerut News: घटना का पृष्ठभूमि और प्रभाव
कपासाड़ कांड की घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया। पारस सोम पर गंभीर आरोप हैं, जो समाज में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। जेल पहुंचने के बाद उसका व्यवहार शांतिपूर्ण रहा लेकिन नाबालिग दावा सनसनीखेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में उम्र जांच के लिए बोन टेस्ट जरूरी हो सकता है। मेरठ पुलिस इस केस को जल्द सुलझाने पर जुटी है।जेल जीवन की पहली रात पारस के लिए सबक साबित हो सकती है। वह चुपचाप रहकर अपनी रणनीति बना रहा है। परिवार की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत में क्या होता है यह देखने लायक होगा। जेल प्रशासन ने साफ कहा कि सभी नियमों का पालन होगा। कपासाड़ कांड पीड़ितों को न्याय मिले यही उम्मीद है।
Report By: Yash Mittal
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