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ईरान में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी को फांसी की तैयारी, परिवार को आखिरी मुलाकात के लिए दिए 10 मिनट

ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच एक 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी को फांसी दिए जाने की तैयारी ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। परिवार को आखिरी बार मिलने के लिए सिर्फ 10 मिनट की इजाजत दी गई, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने इसे असहमति कुचलने की क्रूर कार्रवाई बताया है।
Erfan Soltani Hinge:

Erfan Soltani Hinge: ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। इसी बीच, एक 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी को फांसी दिए जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि यह मौजूदा आंदोलन से सीधे जुड़ी पहली फांसी हो सकती है।

खामेनेई विरोधी प्रदर्शन में गिरफ्तारी, ‘खुदा से दुश्मनी’ का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को 8 जनवरी को खामेनेई विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ईरानी प्रशासन ने उस पर ‘मोहरेबेह’ यानी खुदा से दुश्मनी का आरोप लगाया है, जो ईरान में मौत की सजा तक ले जाने वाला गंभीर अपराध माना जाता है। सोलतानी को बुधवार को फांसी दिए जाने की तैयारी है।

Erfan Soltani Hinge: बिना जानकारी के सुनाई गई मौत की सजा

गिरफ्तारी के बाद कई दिनों तक सोलतानी के परिवार को उसके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। जब सुरक्षा एजेंसियों ने संपर्क किया, तब भी न तो औपचारिक आरोपों की जानकारी दी गई और न ही किसी अदालती सुनवाई का विवरण साझा किया गया। परिवार को सीधे यह बताया गया कि सोलतानी को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।

Erfan Soltani Hinge: आखिरी मुलाकात के लिए 10 मिनट की अनुमति

ईरानी अधिकारियों ने परिवार को सोलतानी से आखिरी बार मिलने के लिए केवल 10 मिनट की अनुमति दी। परिवार के सदस्य गहरे सदमे और भय में बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें इस मामले में सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से सख्त रूप से मना किया गया है। चेतावनी दी गई है कि मीडिया या मानवाधिकार संगठनों से संपर्क करने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

मानवाधिकार संगठनों की कड़ी आलोचना 

अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने गिरफ्तारी के महज एक सप्ताह के भीतर फांसी का आदेश दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ईरान विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए ‘फील्ड एक्जीक्यूशन’ यानी बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के त्वरित और डर पैदा करने वाली सजाओं का सहारा ले रहा है।

20 दिनों से जारी अशांति, इंटरनेट पूरी तरह ठप

गौरतलब है कि ईरान में बीते करीब 20 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। देशभर में 280 से अधिक स्थानों पर हिंसा और अशांति की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 20,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालात को और गंभीर बनाते हुए पिछले 130 घंटों से इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप हैं।

यह भी पढे़ : ईरान में बिगड़ते हालात के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, भारतीयों से तुरंत देश छोड़ने की अपील

 

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