Gold & siver update: मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सोना और चांदी निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों के लिए भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। 14 जनवरी को लगातार तीसरे दिन सोने-चांदी के दाम ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। परंपरागत रूप से शुभ माने जाने वाले मकर संक्रांति पर्व पर कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है।
चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, तीन दिन में 34 हजार रुपए उछाल
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 14,480 रुपए बढ़कर 2,77,512 रुपए हो गई। इससे पहले कल चांदी ने 2,63,032 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। महज तीन दिनों में चांदी की कीमत में 34 हजार रुपए से अधिक की तेजी दर्ज की गई है।
Gold & siver update: सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव मकर संक्रांति के दिन 1,42,152 रुपए के ऑल टाइम हाई पर खुला। हालांकि दिन के कारोबार में थोड़ी गिरावट देखने को मिली और सोना 1,533 रुपए की बढ़त के साथ 1,42,015 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले कल सोने की कीमत 1,40,482 रुपए थी।
| धातु | ताजा कीमत | पिछला रिकॉर्ड / कल का भाव | बढ़त | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| चांदी (₹/किलो) | ₹2,77,512 | ₹2,63,032 | ₹14,480 (3 दिन में ₹34,000+) | ऑल टाइम हाई |
| सोना 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) | ₹1,42,015 | ₹1,40,482 | ₹1,533 | रिकॉर्ड के करीब |
Gold & siver update: मकर संक्रांति पर क्यों खास मानी जाती है खरीदारी
मकर संक्रांति को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है, जिसे समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन के चलते मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी
पिछले साल यानी 2025 में सोने और चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए यानी करीब 75% बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को जहां 10 ग्राम सोना 76,162 रुपए था, वहीं 31 दिसंबर 2025 तक यह 1,33,195 रुपए पर पहुंच गया। इसी अवधि में चांदी की कीमत में 1,44,403 रुपए यानी करीब 167% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए थी, जो 2025 के अंत तक 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।

Gold & siver update: निवेशकों की नजर आगे की चाल पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग के चलते कीमती धातुओं में यह तेजी बनी रह सकती है। मकर संक्रांति पर आई यह रिकॉर्ड तेजी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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