16 January Panchang: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त देखना बहुत जरूरी माना जाता है। ये सभी बातें हिंदू पंचांग के आधार पर तय होती हैं। 16 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी।
शुभ मुहूर्त और विजय काल
इस दिन शुक्रवार है और मूल नक्षत्र पूरे दिन और रात प्रभावी रहेगा, जिस कारण गण्ड मूल योग भी पूरे दिन बना रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे, जबकि सूर्य मकर राशि में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में स्थित होंगे। सूर्योदय सुबह 7:15 बजे और सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा। चंद्रोदय 17 जनवरी को सुबह 6:12 बजे और चन्द्रास्त दोपहर 3:25 बजे होगा।
शुभ समय की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:52 बजे तक है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:16 से 2:58 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:44 से 6:11 बजे तक रहेगा।

16 January Panchang: राहुकाल, भद्रा और अशुभ समय
अगर आप कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो अशुभ समय जरूर ध्यान में रखें। राहुकाल सुबह 11:12 से 12:31 बजे तक रहेगा। यमगण्डदोपहर 3:09 से 4:28 बजे, गुलिक काल सुबह 8:34 से 9:53 बजे और दुर्मुहूर्त सुबह 9:21 से 10:03 बजे तक होगा। इसके अलावा भद्रा रात 10:21 बजे से 17 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र के कारण इस दिन नए या शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
शुक्रवार का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी, माता संतोषी और शुक्र ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और ग्रह दोष भी कम होते हैं। माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई, खीर या नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है। वहीं, ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह की शांति के लिए चीनी, चावल, दूध जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना लाभकारी होता है।
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