Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान का असर जनपद लखीमपुर खीरी में साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस सबूतों के दम पर माननीय न्यायालय ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक बड़े मामले में अभियुक्त को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। ताजा मामला थाना निघासन से जुड़ा है, जहाँ पंजाब के एक शातिर अपराधी को कानून के शिकंजे में कसकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पंजाब के जालसाज का खेल खत्म
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में थाना निघासन पुलिस ने महेंद्र पाल (पुत्र ताराचंद्र, निवासी धनिया बांगर, जिला गुरदासपुर, पंजाब) के विरुद्ध धोखाधड़ी और दस्तावेजों की कूटरचना (जालसाजी) के आरोप में मुकदमा अपराध संख्या 132/24 पंजीकृत किया था। अभियुक्त पर भारतीय दंड विधान की गंभीर धाराओं 419/420/467/468 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेजा था।

Lakhimpur Kheri: न्यायालय ने सुनाई 3 वर्ष की सजा
इस मामले की सुनवाई माननीय न्यायालय JM निघासन, खीरी द्वारा की गई। लखीमपुर खीरी पुलिस की अभियोजन टीम ने मामले में इतनी सटीक पैरवी की कि अभियुक्त महेंद्र पाल के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए अभियुक्त महेंद्र पाल को 3 वर्ष के साधारण कारावास की सजा और 6,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड न देने की दशा में अभियुक्त को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अपराधी को सजा दिलाने के क्रम में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की इस बड़ी सफलता में पुलिस और अभियोजन विभाग की टीम का विशेष योगदान रहा। जिसमें चार्वाक आजाद (लोक अभियोजक), कांटेबल प्रदीप कुमार (कोर्ट मुहर्रिर) और कांटेबल हरिकेश सिंह (न्यायालय पैरोकार) की अहम भूमिका रही।
अपराधियों में हड़कंप
जनपद लखीमपुर खीरी में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत जिस तेजी से अपराधियों को सजा मिल रही है, उससे अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा के नेतृत्व में जनपद पुलिस पुराने और नए लंबित मामलों में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा का प्रतिशत बढ़ा रही है, जिससे जनता का विश्वास न्याय प्रणाली और पुलिस पर और अधिक मजबूत हो रहा है।
Report By: Sanjay Kumar
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