Jee Exam: कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जेईई (मेन) परीक्षा की तारीख में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा की तिथि बदलने का फैसला लिया। पहले यह परीक्षा 23 जनवरी को निर्धारित थी, लेकिन इसी दिन सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती होने के कारण छात्रों और अभिभावकों की ओर से आपत्ति जताई जा रही थी।
सोशल मीडिया पर सीएम का बयान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि 23 जनवरी का दिन छात्रों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन सरस्वती पूजा मनाई जाती है और नेताजी की जयंती भी होती है। उन्होंने लिखा कि इस तारीख पर परीक्षा होने से छात्रों को परेशानी होती, इसलिए उन्होंने इसका विरोध करते हुए परीक्षा की तिथि बदलने की मांग की थी। उनके अनुसार, अब छात्रों को पूजा करने का अवसर मिल सकेगा।
Jee Exam: एनटीए का आधिकारिक फैसला
एनटीए ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में 23 जनवरी 2026 को जेईई (मेन) सत्र-1 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को अब विज्ञापित परीक्षा तिथियों में से कोई अन्य तिथि आवंटित की जाएगी। एजेंसी ने कहा कि यह निर्णय सरस्वती पूजा को लेकर प्राप्त अभ्यावेदन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने भी किया था अनुरोध
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने भी परीक्षा की तारीख बदलने की मांग की थी। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और नेताजी की जयंती के कारण स्कूल-कॉलेजों में अवकाश और बड़े आयोजन होते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा देने में कठिनाई हो सकती है।
Jee Exam: छात्रों को राहत
तारीख में बदलाव के फैसले से राज्य के हजारों छात्रों को राहत मिली है। माना जा रहा है कि इससे परीक्षार्थियों को बेहतर माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में भी वे भाग ले सकेंगे।
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