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ये इंसान था या फिर बच्चे पैदा करने की मशीन, नासर अल वदाई का निधन, 134 संतानें और सऊदी अरब का सबसे बुजुर्ग शख्स

सऊदी अरब के Nasser bin Radan Al Rashid Al Wadai का 142 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने तीन शादियां कीं, 134 संतानें पैदा कीं और देश के हर राजा का शासनकाल देखा। उनका जीवन सादगी, आस्था और लंबी उम्र का प्रतीक रहा।
सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग का निधन

Saudi oldest man: सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज शख्स शेख नासर बिन रादान अल रशीद अल वदाई अब नहीं रहे। उन्होंने राजधानी रियाद में 142 साल की उम्र में अपनी आखरी सांसे ली । उन्हें न सिर्फ सऊदी अरब का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना जाता था, बल्कि उन्होंने अपने जीवन में देश और दुनिया में कई बड़े बदलाव देखे।

हर राजा का देखा शासनकाल

नासर अल वदाई का जन्म 1800 के दशक के अंत में हुआ था। उस समय सऊदी अरब नाम का देश भी अस्तित्व में नहीं था। वे ऐसे समय में बड़े हुए जब जीवन बहुत ही साधारण था और सुविधाएँ बहुत कम थीं। नासर अल वदाई ने अपने जीवन में सऊदी अरब को रेगिस्तान से आधुनिक देश बनते देखा। पहले जहां कच्ची सड़कें थीं, अब पक्की सड़कें बन गईं। बिजली और अस्पताल आए और तेल की खोज ने देश की तस्वीर ही बदल दी। उन्होंने सऊदी अरब के हर राजा का शासन देखा – राजा अब्दुलअजीज से लेकर आज के राजा सलमान तक।

Saudi oldest man: सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग का निधन
सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग का निधन

Saudi oldest man: लंबी उम्र और बड़ा परिवार

नासर अल वदाई का निजी जीवन भी बहुत खास था। उन्होंने तीन बार शादी की और अपने पीछे 134 बच्चे और पोते-पोतियां छोड़ गए। उनकी तीसरी पत्नी 110 साल तक जीवित रहीं और उन्होंने 30 साल साथ बिताए। नासर अल वदाई 110 साल की उम्र में पिता बने और उस उम्र में अपनी बेटी का जन्म देकर सबको हैरान कर दिया। उनकी एक बेटी आज भी जीवित है।

Saudi oldest man: सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग का निधन
सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग का निधन

40 बार हज यात्रा की कहानी

परिवार ने बताया कि नासर अल वदाई बहुत सादा और सरल जीवन जीते थे। वे धार्मिक रूप से बहुत मजबूत थे और 40 से ज्यादा बार हज यात्रा कर चुके थे। उनका मानना था कि लंबी उम्र का राज सादा खाना और सरल जीवन में है।उनके निधन पर धरान अल जनौब में करीब 7,000 लोग अंतिम नमाज़ में शामिल हुए। उन्हें उनके पैतृक गांव अल रशीद में दफनाया गया। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें सादगी, धैर्य और आस्था का प्रतीक बता रहे हैं। उनका जीवन आज भी लोगों के लिए एक बड़ी सीख है।

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