Iran news: तेहरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच ईरान की सेना पर एक बड़े सशस्त्र हमले की खबर सामने आई है। इस हमले को लेकर दावा किया गया है कि यह कार्रवाई प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए की गई। बताया जा रहा है कि ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को निशाना बनाया गया है। इराक में मौजूद एक ईरानी कुर्द अलगाववादी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (PAK) का कहना है कि बीते कुछ दिनों में उसने ईरान के अलग-अलग इलाकों में IRGC के खिलाफ सशस्त्र हमले किए हैं।
प्रदर्शनकारियों पर दमन के जवाब में हमला
PAK का दावा है कि यह कदम तेहरान सरकार द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर की जा रही हिंसक कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है। संगठन के प्रतिनिधि जवानशेर रफाती ने एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि PAK ने न केवल प्रदर्शनकारियों को वित्तीय मदद दी, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनकी रक्षा के लिए हथियारबंद कार्रवाई भी की। ईरानी मीडिया पहले भी PAK और अन्य कुर्द संगठनों पर सुरक्षा बलों पर हमले करने के आरोप लगाता रहा है। वहीं ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि देशभर में चल रहे प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान अब तक 2,670 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
Iran news: “सेना प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रही थी”
PAK ने साफ तौर पर कहा है कि जब ईरानी सेना सीधे प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने लगी, तब मजबूरी में जवाबी कार्रवाई की गई। रफाती के मुताबिक, इलाम, केरमानशाह और फिरोजकुह जैसे इलाकों में PAK के लड़ाकों ने IRGC पर हमला किया, जिसमें सरकारी बलों को भारी नुकसान पहुंचा। गौरतलब है कि उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द इलाके में लंबे समय से कई ईरानी कुर्द अलगाववादी संगठन सक्रिय हैं। इनकी मौजूदगी ईरान और इराक की केंद्रीय सरकार के बीच तनाव का बड़ा कारण रही है। हालांकि हालिया प्रदर्शनों के बाद ईरान ने अभी तक इराक में इन ठिकानों पर हमला नहीं किया है।
हमलों के वीडियो भी किए गए जारी
Iran news: PAK ने सोशल मीडिया पर IRGC को निशाना बनाए जाने के कई वीडियो भी पोस्ट किए हैं। इन वीडियो में गोलीबारी, धमाके और जलते हुए भवन नजर आते हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। एसोसिएटेड प्रेस ने भी हमलों से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है। रफाती ने बताया कि ये सभी हमले ईरान के अंदर मौजूद PAK की सैन्य शाखा ‘नेशनल आर्मी ऑफ कुर्दिस्तान’ के लड़ाकों ने किए हैं। संगठन ने इराक से किसी भी तरह की सैन्य घुसपैठ से इनकार किया है, लेकिन आशंका जताई है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में इराक में मौजूद उनके ठिकानों को निशाना बना सकता है। इसके अलावा PAK ने यह भी दावा किया है कि प्रदर्शनों के बाद ईरान से भागकर इराक पहुंचे दर्जनों लोगों को संगठन की ओर से मदद और संरक्षण दिया जा रहा है।
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