Money Laundering Case: विवादों में घिरे अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकंजा कसता जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने अल-फलाह समूह के चेयरमैन और ट्रस्ट के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में ईडी अब तक करीब 139.97 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर चुकी है, जबकि अपराध से अर्जित कुल आय लगभग 493.24 करोड़ रुपये आंकी गई है।
54 एकड़ जमीन कुर्क, अवैध कमाई का मुख्य लाभार्थी चेयरमैन
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर किया गया निर्माण शामिल है। एजेंसी का कहना है कि जवाद अहमद सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी संस्थाओं पर पूर्ण नियंत्रण था और वही कथित अवैध कमाई का मुख्य लाभार्थी है।
Money Laundering Case: ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी का निजी फायदे के लिए इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि सिद्दीकी ने ट्रस्ट और शैक्षणिक संस्थानों का इस्तेमाल व्यक्तिगत, पारिवारिक और व्यावसायिक लाभ के लिए किया। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के रूप में वह प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन फैसलों पर पूरी पकड़ रखता था, जबकि अन्य पदाधिकारियों को कथित तौर पर प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया गया।
विदेशी लेनदेन, फर्जी मंजूरी और जांच जारी
ईडी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के संचालन में एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन किया गया और गलत जानकारियां देकर मंजूरी हासिल की गई। जांच में विदेशी लेनदेन और विदेशों में फंड की हेराफेरी के भी सबूत मिले हैं। ईडी के मुताबिक, सिद्दीकी की पत्नी और बेटे के नाम पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध विदेशी लेनदेन पाए गए हैं। फिलहाल सिद्दीकी न्यायिक हिरासत में है और मामले की जांच जारी है।
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