ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » योगी सरकार का मिशन शक्ति बना महिलाओं की ढाल, सखी वन स्टॉप सेंटर से लौटी उम्मीद और जिंदगी

योगी सरकार का मिशन शक्ति बना महिलाओं की ढाल, सखी वन स्टॉप सेंटर से लौटी उम्मीद और जिंदगी

Moradabad News

Moradabad News: योगी सरकार का ‘मिशन शक्ति’ अभियान मुरादाबाद की पीड़ित महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। जनपद का ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ उन महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन गया है, जो घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के कारण अपनी जिंदगी खत्म करने का मन बना चुकी थीं। सखी केंद्र की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाली महिलाएं जो कल तक गहरे सदमे में थीं, आज वे अपने परिवारों के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं।

आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण 

केंद्र प्रबंधक गुंजन तिवारी व मनोसामाजिक परामर्शदाता तनीषा दिवाकर ने बताया कि केंद्र पर 1 अप्रैल 2025 से लेकर अब तक कुल 740 मामले आ चुके हैं, जिनमें से 541 महिलाओं को अल्पवास, काउंसलिंग और चिकित्सीय सुविधाएं देकर सशक्त बनाया गया है। सखी वन स्टॉप सेंटर मुरादाबाद में घरेलू हिंसा के 102 और दहेज उत्पीड़न के 4 मुख्य मामले सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त लिव-इन, पड़ोसी विवाद और लापता होने जैसे 69 अन्य मामले दर्ज किए गए। केंद्र को 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 120 और सीधे केंद्र के स्तर पर 61 मामले प्राप्त हुए। खास बात यह है कि पूरे वर्ष में केवल 3 मामलों में एफआईआर की नौबत आई, बाकी सभी विवादों का निस्तारण आपसी सहमति और काउंसलिंग के जरिए सफलतापूर्वक कर लिया गया।

Moradabad News: मौत की दहलीज से लौटीं तीन जिंदगियां, 

मुरादाबाद के सखी केंद्र की फाइलों में दर्ज सफलता की कहानियां किसी फिल्मी पटकथा से कम रोमांचक नहीं हैं।

अमीर जहां (काल्पनिक नाम) : पति के शक और प्रताड़ना ने अमीर जहां को इस कदर तोड़ दिया था कि वह अपनी दुधमुंही बच्ची तक की सुध नहीं ले पा रही थीं और आत्महत्या की योजना बना चुकी थीं। सखी केंद्र की टीम ने पति की कई बार काउंसलिंग की, जिसके बाद पति ने अपनी गलती सुधारी और अब अमीर जहां (23) खुशहाल हैं।

रूपांशी (काल्पनिक नाम): मूल रूप से बंगाल की रहने वाली रूपांशी (20) को उसके ससुराल वालों ने पराया मानकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। पति शराब पीकर मारपीट करता था और सास-ससुर दूसरी शादी की धमकी देते थे। केंद्र के दखल के बाद पति व ससुराल वालों ने लिखित माफी मांगी और अब रूपांशी सम्मान के साथ ससुराल में रह रही हैं।

अंजली (काल्पनिक नाम): पति का दूसरी महिला से संबंध होने के कारण अंजली (32) का 10 साल पुराना घर उजड़ने की कगार पर था। वह अपने तीन बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई थीं। केंद्र ने पति को तलब कर संयुक्त काउंसलिंग की, जिसके बाद पति ने लिखित समझौता किया और अब वह एक आदर्श पिता और पति की भूमिका निभा रहे हैं।

केंद्र पर सुरक्षा और सहायता का घेरा इतना मजबूत है कि यहां 24 घंटे और सातों दिन महिला पुलिस डेस्क शिफ्ट के अनुसार उपलब्ध रहती है। तनीषा दिवाकर के अनुसार, हर शिफ्ट में दो महिला होमगार्ड, दो महिला कांस्टेबल और एक महिला दरोगा की तैनाती सुनिश्चित की गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत ये टीमें केवल केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मुरादाबाद के हर गांव तक पहुंचकर बाल विवाह रोकने और महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का काम लगातार कर रही हैं।

181 हेल्पलाइन की सक्रियता

हेल्पलाइन 181 के माध्यम से औसतन हर दिन 4 से 5 पीड़ित महिलाओं की कॉल आती है। कॉल प्राप्त होते ही पुलिस महिला की सुविधा के अनुसार त्वरित कार्रवाई करती है। यदि महिला तुरंत मदद चाहती है, तो उसे तत्काल वन स्टॉप सेंटर या नजदीकी थाने लाया जाता है। निस्तारण से संतुष्ट न होने पर महिला को किसी भी समय एफआईआर दर्ज कराने का पूरा अधिकार दिया गया है। प्रशासन ने उन हॉटस्पॉट क्षेत्रों को भी चिह्नित किया है जहां से अधिक कॉल आती हैं।

सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली अन्य सरकारी दफ्तरों से जुदा है क्योंकि यहां प्राथमिकता सजा दिलाने से ज्यादा घर बचाने को दी जाती है। परामर्शदाता तनीषा ने बताया कि केंद्र का स्टाफ अत्यंत व्यावहारिक है, जिससे अमीर जहां जैसी महिलाएं जो शुरू में कुछ बोल भी नहीं पा रही थीं, वे भी धीरे-धीरे खुलकर अपनी बात रख सकीं। योगी सरकार की मंशा के अनुरूप, इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी, चिकित्सीय और मानसिक सहयोग मिल रहा है, जिससे मुरादाबाद में महिला सुरक्षा का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

Moradabad News: वन स्टॉप सेंटर की मुख्य सेवाएं

सखी वन स्टॉप सेंटर मुरादाबाद में पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग के साथ-साथ तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान की जाती है। संकट की घड़ी में महिलाओं और उनके बच्चों के लिए सुरक्षित अल्पवास (ठहरने) की व्यवस्था है। इसके साथ ही, केंद्र विधिक सहायता सुनिश्चित करता है और पुलिस डेस्क के माध्यम से हर समय सुरक्षा प्रदान करता है, ताकि कोई भी महिला खुद को अकेला समझे।

Report By: BP Upadhyay

ये भी पढ़े… रामपुर में बंदरों की शरारत ने परिवार को लगाया हजारों रुपये का चूना, छत से की नोटों की बरसात, जानें क्या है मामला…

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल